निजी एजेंसी करेगी प्रॉपर्टियों का सर्वेक्षण, उल्हासनगर महानगरपालिका का निर्णय
Ulhasnagar Municipal Corporation ने कमर्शियल प्रॉपर्टीज को लेकर एक सर्वे करवाने का फैसला लिया है। इसको लेकर ये जानकारी मिली है कि ये सर्वे प्राइवेट एजेंसियों के द्वारा करवाया जाने वाला है।
- Written By: अपूर्वा नायक
उल्हासनगर नगर निगम (सौ. सोशल मीडिया )
Ulhasnagar News In Hindi: उल्हासनगर मनपा प्रशासन ने शहर की संपत्तियों यानी घर, दुकानों, गोदामों, कंपनियों, होटलों तरह अन्य वाणिज्यिक संपत्तियों का एक बार फिर से सर्वेक्षण कराए जाने का निर्णय लिया है।
मनसे के जिलाध्यक्ष बंडू देशमुख ने मनपा प्रशासन के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि कुछ वर्ष पहले करोड़ों रुपए की लागत से शहर की संपत्तियों के सर्वेक्षण का काम निजी क्षेत्र की कोलेब्रो कंपनी को दिया था, लेकिन इस कंपनी ने अपना काम प्रामाणिकता से नहीं किया। जबकि मनपा ने इस कंपनी को 15 से 20 करोड़ रुपए का बिल अदा किया है। मनसे नेता का कहना है कि यह शहर के नागरिकों के पैसों की बर्बादी है।
कंपनी ने नहीं पूरी की टेंडर की शर्त
मनपा आयुक्त मनीषा आव्हाले को दिए 2 पन्नों के निवेदन पत्र में मनसे के जिलाध्यक्ष बंडू देशमुख ने लिखा है कि पुरानी कंपनी ने टेंडर की किसी भी शर्त को पूरा नहीं किया। मनपा ने अब शहर की संपत्तियों के सर्वेक्षण के लिए मेक माई इंडिया नामक एक नई कंपनी को नियुक्त किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
महिला के गुस्से का सामना करते दिखे मंत्री गिरीश महाजन, वायरल वीडियो के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
महाराष्ट्र में भीषण गर्मी से निपटने की तैयारी, मुख्यमंत्री फडणवीस ने किया ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ का शुभारंभ
आंगन से लेकर अंतरिक्ष तक भारतीय महिलाओं की उड़ान, नवभारत इंस्पायरिंग वुमन समिट में बोलीं विजया रहाटकर
अक्षय तृतीया पर महाराष्ट्र सरकार की बड़ी सफलता, प्रशासन ने रोके 13 बाल विवाह
ये भी पढ़ें :- पुणे जिला परिषद की पहल से महिला वर्ग में दौड़ी खुशी की लहर, अब महिलाओं को मिलाएगा पूर्ण सम्मान
एक संपत्ति के सर्वेक्षण के लिए दिए थे 1500 रुपए
संपत्तियों की माप और सर्वेक्षण करने के लिए उल्हासनगर मनपा बार-बार लोगों के घरों में विभिन्न माध्यमों से लोगों को भेजती रही है। कभी कोलब्रो के माध्यम से, कभी मेक माई इंडिया के माध्यम से, कभी महानगरपालिका के कर्मचारियों के माध्यम से यानी कर वसूली के लिए और नागरिकों को फंसाने का काम कर रही है। कोलब्रो कंपनी को मनपा द्वारा एक संपत्ति का सर्वेक्षण करने के लिए 1500 रुपए दिए गए थे।
