Mahayuti 7 seats (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: देशभर में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 16 मार्च को होने वाले चुनाव से पहले महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता अमित शाह ने महाराष्ट्र भाजपा को नया निर्देश जारी किया है, जिसके बाद राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन 6 के बजाय 7वीं सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है।
महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है और आने वाले दिनों में कई नए समीकरण बनते-बिगड़ते दिख सकते हैं। भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण 27 फरवरी 2026 को अचानक दिल्ली पहुंचे थे। इस तात्कालिक दौरे के पीछे राज्यसभा सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को सबसे बड़ी वजह माना जा रहा था।
मौजूदा संख्या बल के हिसाब से महायुति को 6 सीटों पर आसानी से जीत मिलती दिख रही थी। लेकिन अमित शाह से मुलाकात के बाद रवींद्र चव्हाण के हाथ नई रणनीति लगी है। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने स्पष्ट कहा है कि महायुति सिर्फ छह सीटों तक सीमित न रहे। उन्होंने महाराष्ट्र भाजपा को सातवीं सीट के लिए भी पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के अनुसार महायुति के खाते में 6 सीटें (भाजपा 4, अजित पवार गुट 1, शिंदे गुट 1) तय मानी जा रही थीं। लेकिन अब सातवीं सीट के लिए भाजपा को करीब 20 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी।
दावा किया जा रहा है कि विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (मविआ) में चल रही आपसी खींचतान से महायुति को नई उम्मीद दिख रही है। विपक्षी गठबंधन के हिस्से में फिलहाल एक ही सीट आने की संभावना है, लेकिन इस सीट पर उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और शरद पवार गुट के बीच सियासी खींचतान तेज हो गई है। अमित शाह इसी स्थिति का फायदा उठाकर सातवीं सीट पर कब्जा करने की रणनीति बना रहे हैं।
महाराष्ट्र भाजपा की ओर से 4 सीटों के लिए करीब 25 दावेदारों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई है। सूची में कई चौंकाने वाले नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रमुख रूप से अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा, चंद्रपुर के पूर्व सांसद हंसराज अहीर और गडचिरोली के पूर्व सांसद अशोक नेते के नाम चर्चा में हैं। तीनों नेताओं ने पार्टी की ओर से राज्यसभा भेजे जाने की जोरदार मांग की है।
दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद रवींद्र चव्हाण ने संकेत दिए थे कि उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर केंद्रीय चुनाव समिति लगाएगी। अब अमित शाह के नए निर्देश के बाद यह माना जा रहा है कि भाजपा चार की जगह पांच उम्मीदवार उतार सकती है। इस पांचवें उम्मीदवार की लॉटरी किसके हिस्से आएगी, इसका फैसला 2 मार्च को दिल्ली में होने वाली अहम बैठक में हो सकता है।