

MLA Kumar Ailani Power Supply Meeting: शहर की बिजली कटौती, बढ़े हुए बिल, स्मार्ट मीटर की शिकायतें और ट्रांसफॉर्मर की समस्या को लेकर आखिरकार महावितरण के स्तर पर बड़े फैसले सामने आए हैं। विधायक कुमार आयलानी की अध्यक्षता में कल्याण पश्चिम स्थित तेजश्री कार्यालय में हुई बैठक में शहर के साथ-साथ म्हारल, वरप और कांबा के बिजली संबंधी मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में महावितरण के डायरेक्टर ऑपरेशन धनंजय औंढेकर और मुख्य अभियंता चंद्रमणि मिश्रा के सामने विधायक आयलानी ने शहर की समस्याएं मजबूती से रखीं। उन्होंने कहा कि उल्हासनगर एक प्रमुख व्यावसायिक शहर है। यहां महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से लोग व्यापार के लिए आते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली बिजली कटौती से नागरिकों के साथ व्यापारियों को भी परेशानी होती है और शहर की छवि प्रभावित होती है।
बैठक में महावितरण की ओर से बताया गया कि उल्हासनगर को जल्द 100 उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ नई केबल भी दी जाएगी और चरणबद्ध तरीके से केबल नेटवर्क को अंडरग्राउंड करने पर काम किया जाएगा।
स्टाफ की कमी का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। अधिकारियों ने बताया कि शहर में इंजीनियर पर्याप्त संख्या में हैं, लेकिन लाइनमैन की कमी को जल्द दूर किया जाएगा।
स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बढ़े हुए बिजली बिल, मीटर से जुड़ी तकनीकी समस्या या स्मार्ट मीटर को लेकर नागरिकों की शंकाओं के समाधान के लिए तकनीकी कर्मचारियों से लैस एक विशेष वाहन शहर में उपलब्ध कराया जाएगा। यह टीम मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने के साथ नागरिकों में स्मार्ट मीटर को लेकर जागरूकता भी फैलाएगी।
महावितरण द्वारा शिकायतों के लिए विभिन्न स्थानों पर QR कोड उपलब्ध कराने की योजना भी बताई गई। इसका उद्देश्य शिकायतों को समयबद्ध तरीके से दर्ज कर उनका निपटारा सुनिश्चित करना है।
बैठक में साईं बाबा परिसर, 17 सेक्शन और एंटीलिया परिसर में सब स्टेशन के निर्माण एवं नवीनीकरण का मुद्दा भी उठाया गया। ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए जगह उपलब्ध कराने पर विधायक और उपमहापौर ने सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग फीडर की मांग भी रखी गई, जिसे महावितरण की ओर से मान्यता दी गई। इससे दोनों क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
गणपति उत्सव के दौरान अस्थायी मीटर के लिए जमा किए गए डिपॉजिट को भी दो घंटे के भीतर खाते में वापस करने का आश्वासन दिया गया। वहीं कर्मचारियों के दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक के अंत में धनंजय औंढेकर ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी- “उल्हासनगर में बदलाव दिखाई देना चाहिए, अन्यथा तबादले के लिए तैयार रहें।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बैठक तक व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आया तो संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में उपमहापौर अमर लुंड, जिलाध्यक्ष राजेश बदारिया, नगरसेवक लाल पंजाबी, नंद छापरु, टोनी सिरवानी सहित व्यापारी और मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।