स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ का पर्दाफाश: पुणे महावितरण की कार्रवाई, 19 ग्राहकों पर केस दर्ज

Pune Smart Meter Tampering Case MSEDCL: पुणे के भोसरी, आकुर्डी में स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने वाले 19 ग्राहकों पर महावितरण की गाज; ₹12.41 लाख का दंड वसूला।
Pune Smart Meter Tampering Case
स्मार्ट मीटर (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Pimpri Chinchwad Electricity Theft FIR: पिंपरी-चिंचवड शहर के भोसरी सर्कल के अंतर्गत आने वाले भोसरी, आकुर्डी और प्राधिकरण (बिलिंग एवं राजस्व) उपविभागों में महावितरण (MSEDCL) की विशेष जांच टीम ने स्मार्ट मीटरों से बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ और बिजली चोरी का भंडाफोड़ किया है। जांच के दौरान मीटर की गति धीमी करने और वास्तविक खपत को छिपाने के लिए सील तोड़े जाने व तकनीकी हेरफेर के 19 मामले सामने आए हैं। महावितरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 उपभोक्ताओं के खिलाफ पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज कराया है, जबकि 10 अन्य के खिलाफ दंडात्मक व फौजदारी कार्रवाई जारी है।

रिमोट डिवाइस से नियंत्रित हो रहा था होटल का स्मार्ट मीटर

महावितरण द्वारा चलाए गए इस विशेष निरीक्षण अभियान में कई हैरान करने वाले तरीके उजागर हुए हैं। उपभोक्ता स्मार्ट मीटर के कवर खोलकर, सील तोड़कर और करंट ट्रांसफॉर्मर (CT Bypass) को बाईपास कर वास्तविक खपत से काफी कम बिजली का उपयोग दर्ज करा रहे थे।

जांच में सबसे चौंकाने वाला मामला चरोली स्थित 'शेतकरी फैमिली रेस्टोरेंट' में सामने आया, जहां स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली में हस्तक्षेप करने के लिए एक आधुनिक रिमोट उपकरण (Remote Device) लगाया गया था। महावितरण ने संबंधित रेस्टोरेंट मालिक पर ₹2,66,800 की भारी-भरकम दंडात्मक राशि लगाई है।

₹12.41 लाख का दंड वसूला, 9 पर पुलिस में FIR दर्ज

कार्रवाई की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि जांच अभियान के तहत अब तक कुल ₹12,41,145 की जुर्माना राशि वसूल की जा चुकी है। बिजली चोरी के इन गंभीर मामलों में दिघी, कासारवाड़ी और रावेत पुलिस थानों में 9 अलग-अलग ग्राहकों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।

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महावितरण की सख्त चेतावनी

महावितरण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक स्मार्ट मीटर में की जाने वाली किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ तुरंत केंद्रीय सर्वर में दर्ज हो जाती है। यदि कोई व्यक्ति सील तोड़ेगा या मीटर बाईपास करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 (Electricity Act 2003) की धारा 135 के तहत सख्त फौजदारी मामला दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

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