गणेश शिंपी मामले में ठाणे जिलाधिकारी का आदेश, उल्हासनगर मनपा आयुक्त को 7 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

Ulhasnagar Municipal Corporation Ganesh Shimpi: उल्हासनगर मनपा अधिकारी गणेश शिंपी पर लगे कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के आदेश; ठाणे जिलाधिकारी ने मनपा आयुक्त से 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी।
Orders issued by the Thane District Magistrate to the Commissioner of the Ulhasnagar Municipal Corporation
ठाणे जिलाधिकारी द्वारा उमनपा आयुक्त महोदया को दिये आदेश(सोर्सः नवभारत)
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Thane Collector Dr Shrikrishna Panchal Action: उल्हासनगर महानगरपालिका के अधिकारी गणेश अरविंद शिंपी से जुड़े कथित मामलों को लेकर पिछले कुछ महीनों से विवाद लगातार चर्चा में है। उनकी कार्यप्रणाली, संवेदनशील पदों पर नियुक्तियों और कथित अनियमितताओं सहित कई मुद्दों की जांच की मांग को लेकर आंदोलन भी किए जा रहे थे।

राष्ट्र कल्याण पार्टी के अध्यक्ष शैलेश राममूर्ति तिवारी ने इस संबंध में जिलाधिकारी कार्यालय में निवेदन प्रस्तुत किया था। इसमें अधिकारी की कार्यप्रणाली से लेकर कथित भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति जैसे आरोपों की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई थी।

अब इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच के निर्देश जारी होने से पूरे प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है।

जिलाधिकारी ने मनपा आयुक्त को दिए स्पष्ट निर्देश

ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त को भेजे निर्देश में कहा है कि निवेदन में उठाए गए विभिन्न बिंदुओं की स्वयं के स्तर पर विस्तृत जांच की जाए।

जांच के बाद प्रत्येक बिंदु पर स्पष्ट राय के साथ तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने और उसके समर्थन में आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने को कहा गया है। यह रिपोर्ट सात दिनों के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई

प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, इस मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से भी जिलाधिकारी को जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से मनपा आयुक्त को यह आदेश जारी किया गया है।

शिकायत में अधिकारी के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति और अन्य अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। हालांकि, ये फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोप हैं और इनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

अब सात दिनों की रिपोर्ट पर नजर

प्रशासन के सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगने के बाद अब सभी की निगाहें जांच के नतीजे पर टिकी हैं। मनपा आयुक्त की जांच में शिकायत के बिंदुओं पर क्या तथ्य सामने आते हैं और किन दस्तावेजों के आधार पर निष्कर्ष दिया जाता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो आगे सक्षम जांच एजेंसी के स्तर पर कार्रवाई का रास्ता भी खुल सकता है। फिलहाल प्रशासनिक जांच की प्रक्रिया ही इस पूरे मामले में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव है।

तीन महीने के आंदोलन से शुरू हुआ यह मामला अब प्रशासनिक जांच की चौखट तक पहुंच चुका है, और सात दिनों में आने वाली रिपोर्ट आगे की दिशा तय कर सकती है।

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