ठाणे में ढोल-लेजिम की थाप और फूलों की बारिश के बीच जिला परिषद स्कूल दिवे-अंजूर में प्रवेशोत्सव की धूम
Thane Zilla Parishad School Admission: ठाणे के जिप स्कूल दिवे-अंजूर में जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की उपस्थिति में प्रवेशोत्सव मनाया गया। ढोल-लेजिम की थाप पर बच्चों का स्वागत हुआ।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
प्रवेशोत्सव के दौरान स्वागत (सोर्स: फाइल फोटो)
Thane ZP School Dive Anjur Praveshotsav: शैक्षणिक वर्ष 2026-27 की शुरुआत जिल्हा परिषद स्कूल दिवे-अंजूर में उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के साथ हुई। स्कूल प्रवेशोत्सव के अवसर पर ठाणे जिल्हाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल और शिक्षणाधिकारी (प्राथमिक) बाळासाहेब राक्षे की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। विद्यालय प्रांगण सुबह से ही सज-धज कर तैयार था। गेट पर रंगोली, गुब्बारे और फूलों की सजावट ने माहौल को त्यौहारी बना दिया। जैसे ही नन्हे विद्यार्थी अभिभावकों के साथ पहुंचे, ढोल-लेजिम की गूंज और फूलों की बारिश के बीच उनका स्वागत किया गया। पहली बार स्कूल में कदम रखने वाले बच्चों के चेहरे पर जिज्ञासा और उत्साह साफ दिख रहा था। शिक्षकों ने तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर बच्चों का अभिनंदन किया।
कलेक्टर ने किया संबोधित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिल्हाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने कहा कि बच्चों की बुनियाद स्कूल में ही बनती है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों में सोचने, समझने और सीखने की आदत विकसित करें। जिल्हाधिकारी ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और घर पर पढ़ाई का माहौल बनाएं।
शिक्षणाधिकारी का संदेश
शिक्षणाधिकारी (प्राथमिक) बालासाहेब राक्षे ने ‘निपुण महाराष्ट्र अभियान’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों में मूलभूत वाचन, लेखन और संख्याज्ञान मजबूत करना सबसे जरूरी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार शिष्यवृत्ती परीक्षा, विज्ञान प्रदर्शनी और अन्य स्पर्धात्मक उपक्रमों के जरिए बच्चों को मंच देने पर जोर दे रही है, ताकि ग्रामीण इलाकों के छात्र भी आगे बढ़ सकें।
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शिक्षक और विद्यार्थी दोनों का बढ़ा मनोबल
प्रवेशोत्सव के दौरान बच्चों ने देशभक्ति गीत, लोकनृत्य और नाटिका प्रस्तुत कर समां बांध दिया। नए प्रवेश लेने वाले हर विद्यार्थी को स्कूल की ओर से पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी किट और मिठाई दी गई। स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि जिल्हाधिकारी की उपस्थिति से शिक्षक और विद्यार्थी दोनों का मनोबल बढ़ा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि विद्यालय में पेयजल, शौचालय और डिजिटल क्लासरूम जैसी जरूरी सुविधाओं को अगले तीन महीने में और बेहतर किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। शाला दिवे-अंजूर का यह प्रवेशोत्सव न केवल नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत का प्रतीक बना, बल्कि गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश भी दे गया।
