
Supriya Sule:ठाणे में पानी की किल्लत (सोर्सः सोशल मीडिया)
Thane Water Crisis: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने राज्य की सत्तारूढ़ महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भले ही ठाणे को एक “सभ्य” शहर के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा हो, लेकिन यहां पानी की किल्लत, कूड़ाघरों की कमी और अन्य बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
नगर निकाय चुनावों से पहले शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सुले ने ठाणे के विकास के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि स्वीकृत किए जाने के सरकारी दावों पर सवाल उठाए।
इस अवसर पर राकांपा (एसपी) के विधायक जितेंद्र आव्हाड, पार्टी की ठाणे शहर इकाई के अध्यक्ष मनोज प्रधान, अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। सुले ने कहा कि ठाणे कभी एक छोटा शहर था, लेकिन राज्य और देश के विभिन्न हिस्सों से लोग बेहतर जीवन और विकास की उम्मीद लेकर यहां आए।
ये भी पढ़े: Kalyan-Dombivli में मतदान जागरूकता अभियान, सीनियर सिटिज़न और महिलाओं की बड़ी भागीदारी
ठाणे महानगरपालिका पंचवार्षिक निवडणुकीनिमित्त राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार पक्षाच्या सर्व अधिकृत उमेदवारांच्या प्रचारार्थ कळवा येथे आयोजित जाहीर सभेला आमदार डॉ जितेंद्र आव्हाड यांच्यासोबत उपस्थित होते. pic.twitter.com/M1bPWRQ9W5 — Supriya Sule (@supriya_sule) January 10, 2026
हालांकि, आज उनकी उम्मीदें निराशा में बदलती नजर आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाणे को “सभ्य” शहर बताया जाता है, लेकिन पानी की समस्या, कूड़ाघरों की कमी, तथा शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी समस्याएं अब तक हल नहीं हो पाई हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






