केरोसिन वितरण (सौ. सोशल मीडिया )
Thane Petrol Diesel Sale Ban: सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी होने की अफवाहों और खबरों के बाद, ठाणे जिला प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है।
जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए पेट्रोल जैसी ज्वलनशील चीजों की खुली बिक्री से होने वाली किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए बचाव के कदम उठाए गए हैं।
ठाणे जिला अधिकारी डॉ श्रीकृष्ण पांचाल ने पेट्रोलियम रूल्स 2002 के नियमों के तहत जिले के सभी पेट्रोल पंपों से पेट्रोल तथा डीजल की खुली बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी है। वहीं दूसरी तरफ उत्पन्न एलपीजी गैस की कमी को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार के 12 मार्च 2026 के आदेश के अनुसार, एलपीजी के अस्थायी विकल्प के रूप में केरोसिन (घासलेट) वितरित करने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत, महाराष्ट्र राज्य के लिए 37 लाख 44 हजार लीटर (3) हजार 744 केएल) केरोसिन के कुल स्टॉक को मंजूरी दी गई है, जिसमें से ठाणे जिले को 48,000 लीटर (48 केएल) का हिस्सा मिला है।
बिना राशन कार्ड वालों को किया गया शामिल ठाणे जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह वितरण मुख्य रूप से अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता घरेलू लिए होगा। हालांकि 37.44 लाख लीटर केरोसिन के स्टॉक को मंजूरी राशन कार्ड धारकों के केरोसिन की उपलब्धता और लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर सफेद कार्ड धारकों को भी इस ईंधन के लिए पात्र माना जाएगा।
जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, उन्हें भी इस योजना से बाहर नहीं रखा गया है, ऐसे परिवार भी ग्राम पंचायत का निवासी प्रमाण पत्र प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर केरोसिन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही प्रवासी मजदूर केंद्र या राज्य सरकार का अपना पहचान पत्र दिखाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
प्रत्येक पात्र परिवार या राशन कार्ड धारक को 3 लीटर केरोसिन वितरित किया जाएगा, यह वितरण अधिकृत उचित मूल्य खाद्य विक्रेताओं और खुदरा केरोसिन लाइसेंस धारकों के माध्यम से किया जाएगा। यदि किसी विशेष गांव में केरोसिन विक्रेता उपलब्ध नहीं है, तो उस गांव के नागरिकों को निकटतम गांव से अपना कोटा प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यह वितरण मार्च और अप्रैल 2026 महीनों के लिए तालुका-वार मांग के अनुसार किया जाएगा।
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी इस आदेश के मुताबिक, अब जिले के सभी पेट्रोल पंप चलाने वालों को निर्देश दिया गया है कि वे गाड़ियों के फ्यूल टैंक में ही पेट्रोल या डीजल दें। किसी भी हालत में ग्राहकों को प्लास्टिक की बोतलों, कैन, कंटेनर या किसी भी दूसरे तरह के कंटेनर में पेट्रोल या डीजल नहीं बेचा जाएगा।
इस नियम का उल्लंघन गैर-कानूनी है, और पंप पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए अब सभी पेट्रोल पंप परिसरों में सीसीटीवी सिस्टम 24 घंटे चालू रखना और फ्यूल की बिक्री का रेगुलर रिकॉर्ड रखना जरूरी कर दिया गया है। यह आदेश 27 मार्च, 2026 से तुरंत लागू हो गया है, और अगली सूचना तक लागू रहेगा।
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इस अभियान में पुलिस की भूमिका भी अहम है और ठाणे शहर, नवी मुंबई और मीरा-भायंदर के पुलिस आयुक्तों के साथ-ठाणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक को साथ है। यह भी है हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और कि जिले के सभी पंपों पर फ्यूल का स्टॉक भारत पेट्रोलियम के मैनेजर यह पक्का करें कार्रवाई के लिए सूचित किया गया काफी हो और जिला अधिकारी के आदेशों का पालन हो।