क्या पीएम मोदी को पैदल चलना चाहिए? PM काफिले को लेकर हमलावर हुए विपक्ष पर संजय निरुपम का पलटवार
Sanjay Nirupam on PM Modi Appeal: संजय निरुपम ने पीएम मोदी की मितव्ययिता अपील का विरोध करने वाले विपक्ष को घेरा। पूछा- क्या देश के प्रधानमंत्री को अब पैदल चलना चाहिए?
- Written By: अनिल सिंह
संजय निरुपम ने समझाया पीएम मोदी की अपील का आधार (फोटो क्रेडिट-X)
Sanjay Nirupam on PM Modi Austerity Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और सोने की खपत कम करने की अपील की है। इस अपील के बाद से ही विपक्षी दल सरकार को घेरने में जुटे हैं, जिस पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने तीखा पलटवार किया है। निरुपम ने कहा कि विपक्ष घोर हताशा में प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर सवाल उठाकर उनकी सुरक्षा के महत्व को कम आंक रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री भी पैदल चलें या अपनी कार खुद चलाएं?
संजय निरुपम ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस युग में कहीं भी होने वाले संघर्ष का असर भारत पर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील का उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना है। उनके अनुसार, जब विदेशी संस्थाएं बाजार से पैसा खींचती हैं, तो विदेशी मुद्रा का संकट पैदा हो सकता है, जिसे रोकने के लिए सोने की खरीद टालने जैसे सुझाव दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से देशवासियों से मितव्ययी होने की अपील की है और कहा है कि एक साल सोना मत खरीदिए,डीज़ल-पेट्रोल और खाने के तेल की खपत कम करिए तब से पूरा विपक्ष मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गया है।
दिल्ली से लेकर मुंबई तक सारे विपक्षी कभी प्रधानमंत्री के प्रोटोकॉल पर… — Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) May 12, 2026
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विपक्ष की ‘मानसिक दिवालियापन’ पर प्रहार
संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि दिल्ली से मुंबई तक का विपक्ष इस समय राजनीति में इतना डूब गया है कि उसे देश हित की अपीलें भी गलत लग रही हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राजनीति करने के बजाय विपक्ष को राष्ट्रहित के बारे में सोचना चाहिए। निरुपम के अनुसार, प्रधानमंत्री की यह चिंता केवल उनकी निजी नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की होनी चाहिए।
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- संजय निरुपम ने विपक्षी पार्टियों को ‘मानसिक रूप से विक्षिप्त’ और ‘दिवालिया’ करार दिया है।
- उन्होंने सवाल किया कि क्या पीएम की सुरक्षा के लिए पैदल चलने या खुद कार चलाने जैसी मांगें जायज हैं?
- निरुपम ने दावा किया कि वर्तमान में देश में डीजल-पेट्रोल पर्याप्त है और विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति भी ठीक है।
- सोने की खरीद स्थगित करने का सुझाव भविष्य में होने वाले संभावित विदेशी मुद्रा संकट को रोकने के लिए दिया गया है।
प्रधानमंत्री की 10 सूत्रीय अपील
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने 10 और 11 मई को लगातार देशवासियों से संवाद कर बचत के मार्ग पर चलने का आह्वान किया था। उन्होंने पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने, कारपूलिंग करने, वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा देने और डिजिटल तकनीक का उपयोग करने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यम वर्ग से अपील की है कि वे कम से कम एक साल के लिए अपनी विदेश यात्राएं और सोने की खरीदारी स्थगित कर दें ताकि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे।
