ठाणे की सियासत में रणछोड़, नाईक का शिंदे पर वार- पूछा असली ‘रावण’ कौन? किसका तोड़ेंगे अहंकार
Thane news: नवी मुंबई के बाद अब ठाणे मनपा पर नजरें गड़ाए वन मंत्री गणेश नाईक ने भाजपा कार्यकर्ताओं को जोश दिलाते हुए कहा – ठाणे का रावण कौन है, उसका अहंकार तोड़ना जरूरी है।
- Written By: सोनाली चावरे
एकनाथ शिंदे, गणेश नाईक (pic credit; social media)
Maharashtra Politics: नवी मुंबई के साथ अब ठाणे की राजनीति भी गर्माने लगी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और वन मंत्री गणेश नाईक ने ठाणे मनपा चुनाव को लेकर आक्रामक रुख अपनाते हुए कार्यकर्ताओं को खुला संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जैसे नवी मुंबई मनपा में भाजपा की सत्ता लाई जाएगी, वैसे ही ठाणे मनपा में भी भाजपा सत्ता हासिल करने में सक्षम है। इसके लिए ठाणे के “रावण” का अहंकार तोड़ना होगा।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर नाईक का इशारा किस ओर था। क्या यह हमला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर था, जिनसे नाईक का तालमेल पिछले काफी समय से ठीक नहीं चल रहा है?
गौरतलब है कि 2024 विधानसभा चुनाव के बाद गणेश नाईक को मंत्री पद और ठाणे जिले का संपर्क मंत्री बनाया गया। तभी से वे लगातार शिंदे के खिलाफ अप्रत्यक्ष बयान देते आ रहे हैं। ठाणे में भाजपा को मजबूत करने और ठाणे मनपा में “कमल खिलाने” की बात वे समय-समय पर दोहराते रहे हैं। इस बार “रावण” वाली उपमा ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है।
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शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी नाईक के इस बयान पर तीखा पलटवार किया है। शिवसेना नेताओं का कहना है कि जो दूसरों को रावण कह रहे हैं, उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और देखना चाहिए कि उन्होंने कितने घर बर्बाद किए हैं। पार्टी ने साफ कहा कि अब नाईक को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नाईक और शिंदे के बीच खटास की सबसे बड़ी वजह नवी मुंबई मनपा और सिडको में अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर टकराव है। नगर विकास मंत्रालय शिंदे के पास है, जिसकी वजह से नाईक का दबदबा कम हुआ है। इतना ही नहीं, लोकसभा चुनाव में नाईक के पुत्र संजीव नाईक को टिकट मिलने में शिंदे को बड़ा रोड़ा माना गया। वहीं, नवी मुंबई में नाईक के विरोधियों को शिंदे का खुला संरक्षण भी दोनों नेताओं के बीच तनाव की वजह बना।
अब नवी मुंबई और ठाणे मनपा चुनावों से पहले नाईक अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे हैं और अप्रत्यक्ष रूप से शिंदे को चुनौती दे रहे हैं। ठाणे का “रावण” कौन है, यह अभी रहस्य बना हुआ है, लेकिन इतना तय है कि मनपा चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना शिंदे गुट के बीच टकराव और तेज होगा।
