पहले पुनर्वास, फिर निष्कासन, ठाणे-मुलुंड नए रेलवे स्टेशन से प्रभावित बांदल चॉल के 50 परिवारों को बड़ी राहत

Thane Mulund New Railway Station: ठाणे-मुलुंड नए रेलवे स्टेशन से प्रभावित बांदल चॉल के 50 परिवारों को राहत। विधायक संजय केलकर की मध्यस्थता से पहले पुनर्वास, फिर चॉल निष्कासन की मांग मंजूर।
Thane Station Project Affected Families Bandal Chawl Rehabilitation
विभागीय रेलवे प्रबंधक मीना से चर्चा के दौरान(सोर्स: नवभारत फोटो)
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Bandal Chawl Rehabilitation Sanjay Kelkar Relief: ठाणे मुलुंड के बीच प्रस्तावित नए रेलवे स्टेशन के निर्माण से प्रभावित होने वाली बांदल चॉल के परिवारों का पहले उचित पुनर्वास किया जाएगा और उसके बाद ही चॉल को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

विभागीय रेलवे प्रबंधक मीणा ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है। इससे बांदल चॉल के करीब 50 परिवारों को बड़ी राहत मिली है। इस मामले में विधायक संजय केलकर लगातार रेलवे प्रशासन के समक्ष रहवासियों की समस्या उठाते रहे हैं।

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60 वर्षों से आशियाना

प्रस्तावित स्टेशन से सटी बांदल चॉल में पिछले करीब 60 वर्षों से परिवार रह रहे हैं। यहां लगभग 50 परिवार निवास करते हैं। ठाणे शहर में नए विस्तारित रेलवे स्टेशन की योजना पर काम शुरू होने के बाद बांदल चॉल भी इसकी चपेट में आने वाली है। रेलवे प्रशासन की ओर से चॉल में रहने वाले परिवारों को घर खाली करने की नोटिस जारी की गई थी। इसके बाद रहवासियों में चिंता और असमंजस का माहौल पैदा हो गया था।

नोटिस मिलने के बाद बांदल चॉल के रहवासियों ने विधायक संजय केलकर से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई और उचित न्याय दिलाने की मांग की। इसके बाद केलकर ने रेलवे प्रशासन के साथ लगातार संपर्क कर इस मुद्दे का समाधान निकालने का प्रयास शुरू किया।

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रेलवे का सकारात्मक रुख

गुरुवार को विधायक संजय केलकर ने बांदल चॉल के रहवासियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विभागीय रेलवे प्रबंधक मीना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने रहवासियों की समस्याएं और उनकी मांगें अधिकारियों के सामने रखीं। केळकर ने स्पष्ट रूप से मांग की कि चॉल को हटाने से पहले यहां रहने वाले परिवारों का उचित एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

रेलवे प्रशासन ने इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए पहले पुनर्वास और उसके बाद ही चॉल हटाने की कार्रवाई करने पर सहमति जताई। रेलवे प्रबंधन के इस आश्वासन के बाद रहवासियों ने राहत की सांस ली।

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