प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane Road Accident Compensation: महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में दो महिलाओं को बड़ी राहत दी है। साल 2018 में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल और दिव्यांग हुई एक महिला दर्जी को 20.9 लाख रुपये और एक घरेलू सहायिका (मेड) को 7.7 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
यह दुर्घटना 24 अप्रैल 2018 की है। सायली विजय सालुंखे (35) और रत्ना विजय भागवत (44) एक लग्जरी बस से यात्रा कर रही थीं। तभी एक लापरवाही से खड़े ट्रेलर ट्रक ने बस को पीछे से टक्कर मार दी। इस भीषण भिड़ंत में बस के दो चालकों की मौत हो गई थी और कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए थे।
दर्जी सायली सालुंखे इस हादसे में 80% स्थायी दिव्यांगता का शिकार हो गई थीं, जिससे उनके शरीर का निचला हिस्सा निष्क्रिय हो गया था। हालांकि, कोर्ट के सदस्य आर.वी. मोहिते ने उनकी ‘कार्यात्मक दिव्यांगता’ (Functional Disability) को 50% आंका। कोर्ट ने एक व्यावहारिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आधुनिक इलेक्ट्रिक सिलाई मशीनों को हाथों और कोहनी की मदद से भी चलाया जा सकता है, जिससे वह अपना जीविकोपार्जन जारी रख सकती हैं। उन्हें कुल 20 लाख 92 हजार 510 रुपए का मुआवजा मिला है।
वहीं, घरेलू सहायिका रत्ना भागवत कमर के निचले हिस्से में चोट के कारण 51% स्थायी आंशिक दिव्यांगता का शिकार हुई थीं। कोर्ट ने उनकी कार्यात्मक दिव्यांगता 30% मानते हुए उन्हें 7 लाख 75 हजार 653 रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया।
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अधिकरण ने पाया कि यह हादसा ‘संयुक्त लापरवाही’ का परिणाम था। ट्रेलर को हाईवे पर बिना किसी संकेत के खतरनाक तरीके से खड़ा किया गया था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि हादसे के वक्त ट्रेलर के पास वैध ‘फिटनेस प्रमाणपत्र’ नहीं था, जो बीमा शर्तों का गंभीर उल्लंघन है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी पहले पीड़ितों को 9% वार्षिक ब्याज के साथ मुआवजे का भुगतान करे, और फिर वाहन मालिक से इस राशि की वसूली करे। कोर्ट ने भविष्य की सुरक्षा के लिए मुआवजे का एक हिस्सा सावधि जमा (FD) में रखने का भी निर्देश दिया है।