प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane Murder Case: महाराष्ट्र की एक जिला एवं सत्र अदालत ने तीन साल पुराने सनसनीखेज हत्याकांड में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.बी. अग्रवाल ने शनिवार को सुनाए गए फैसले में 32 वर्षीय शान मोहम्मद शबिद अली खान को उसकी पत्नी आरफा खान की हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष उन “बुनियादी तथ्यों” को स्थापित करने में विफल रहा, जो आरोपी को सीधे अपराध से जोड़ते हों।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 9 मई 2021 की है। ठाणे जिले के दायघर इलाके में रहने वाले शान मोहम्मद पर आरोप था कि उसने अपनी चौथी पत्नी आरफा के चरित्र पर संदेह होने के कारण उसकी हत्या कर दी। आरोप लगाया गया था कि शान मोहम्मद ने आरफा का सिर बाथरूम के फर्श पर इतनी जोर से पटका कि उसकी चेहरे की हड्डियां टूट गईं और सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पड़ोसियों ने आरफा को लहूलुहान अवस्था में पाया था, जबकि उसका दो साल का मासूम बच्चा शव के पास बैठकर रो रहा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया था और वह जून 2021 से जेल में बंद था।
मामले की सुनवाई के दौरान जज एस.बी. अग्रवाल ने “परिस्थितिजन्य साक्ष्य” के सिद्धांतों पर जोर दिया। चूंकि इस हत्या का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था, इसलिए पूरा केस परिस्थितियों पर टिका था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष की यह जिम्मेदारी है कि वह तथ्यों की ऐसी अटूट श्रृंखला (Chain of events) पेश करे, जो केवल और केवल आरोपी के दोषी होने की ओर इशारा करती हो। यदि निर्दोष होने की थोड़ी भी संभावना है, तो इसका लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।
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ठाणे की अदालत ने अपने फैसले में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं को आधार बनाया:
अंततः, अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ संदेह की गुंजाइश बनी हुई है और उसे तुरंत जेल से रिहा करने का आदेश दिया।