कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane Murder Case: ठाणे की एक अदालत ने 2018 में पति गोपी किशन नाइक की हत्या के आरोपी पत्नी प्रिया नाइक और उसके प्रेमी महेश कराले को बरी कर दिया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.बी. अग्रवाल ने कहा कि अभियोजन पक्ष पारिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित मामला साबित करने में विफल रहा।
आरोपी प्रिया गोपी नाइक (34) और महेश गोविंद कराले (32) पर हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, बेहोश करने वाला पदार्थ देने और सबूत मिटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि दोनों आरोपियों के बीच विवाहेतर संबंध थे। अवैध संबंधों के चलते, 28 दिसंबर, 2018 को उन्होंने ठाणे शहर में प्रिया के पति गोपी किशन नाइक की हत्या कर दी थी। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि अपराध में पहले बेहोश करने वाला पदार्थ दिया गया, फिर हत्या की गई और उसके बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई।
हत्या की घटना के बाद, प्रिया नाइक ने सिविल अस्पताल को फोन किया। उसने अधिकारियों को बताया कि गोपी किशन नाइक को वाघबिल सुरंग में हुई एक कथित दुर्घटना के चलते भर्ती कराया गया है। गोपी किशन नाइक को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद, प्रिया नाइक वहां से चली गई। किशन की मृत्यु के बाद, पोस्टमॉर्टम जांच में यह सामने आया कि उसकी मौत दुर्घटना से नहीं हुई थी।
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जांच से पता चला कि मृतक के सिर पर किसी कुंद हथियार से हमला किया गया था और गला घोंटकर उसकी हत्या की गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.बी. अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा कि यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण होगा कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला पारिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था।
न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि यह बताने के लिए पर्याप्त सामग्री थी कि दोनों आरोपियों के बीच विवाहेतर संबंध थे और घटना के बाद उनका आचरण संदिग्ध था, लेकिन यह निष्कर्ष निकालने के लिए पर्याप्त नहीं था कि उन्होंने ही हत्या की थी।
पारिस्थितिजन्य साक्ष्य के मामलों में, प्रत्येक परिस्थिति का पूरी तरह से सिद्ध होना आवश्यक होता है, लेकिन अभियोजन पक्ष यह सिद्ध करने में विफल रहा।
(एजेंसी नइपुट के साथ)