ठाणे में घूसखोर महिला अधिकारी गिरफ्तार, जाति प्रमाणपत्र के लिए मांगी 2.5 लाख की रिश्वत, ACB ने रंगे हाथों पकड़ा
Thane Bribery Case: ठाणे में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र समिति की उपनिदेशक को 2.5 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Thane ACB Raid News: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति (STCSC) की एक महिला अधिकारी को भारी-भरकम रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार की गई महिला अधिकारी की पहचान 46 वर्षीय मीनाक्षी एन. उन्हाले के रूप में हुई है। उन्हाले ठाणे के चराई इलाके में स्थित ‘अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र जांच समिति’ के कोंकण प्रभाग में उपनिदेशक (अनुसंधान) के पद पर तैनात थीं। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बेटी के जाति सत्यापन संबंधी दस्तावेजों को मंजूर कराने के लिए विभाग में आवेदन किया था। आरोप है कि उपनिदेशक मीनाक्षी उन्हाले ने इन दस्तावेजों को हरी झंडी देने के बदले शिकायतकर्ता से 2.5 लाख रुपये की डिमांड की थी।
ACB ने जाल बिछाकर किया गिरफ्तार
भ्रष्टाचार से तंग आकर शिकायतकर्ता ने सीधे रायगढ़-अलीबाग एसीबी कार्यालय में संपर्क किया और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक सरिता भोसले के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और शुक्रवार को जाल बिछाया गया। जैसे ही उन्हाले ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उन्हें चराई स्थित कार्यालय में ही दबोच लिया। एसीबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है।
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कानूनी कार्रवाई जारी
एसीबी ने आरोपी महिला अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या उन्हाले ने पहले भी इस तरह के मामलों में लोगों से पैसे वसूले हैं। इस गिरफ्तारी के बाद से संबंधित विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
