सुप्रीम कोर्ट ने 27 गांवों की याचिका स्वीकार की, 7 अक्टूबर को होगी सुनवाई, जानें पूरा मामला
upreme Court Hearing: सुप्रीम कोर्ट ने केडीएमसी से 27 गांवों को अलग करने की याचिका स्वीकार की। चुनाव पर रोक की मांग की गई है। अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी, चुनाव में देरी संभव।
Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कल्याण डोंबिवली मनपा के 27 गाँवों से संबंधित याचिका स्वीकार कर लीं। सरकार ने 27 में से 18 गाँवों को मनपा से बाहर करने का फैसला किया था। हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट की रोक हटाई जानी चाहिए और 27 गाँव मनपा में नहीं रहने चाहते इस तरह की मांग याचिका मे रखी गई है। सर्वपक्षीय हक्क संरक्षण संघर्ष समिति ने याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से यह भी अनुरोध किया है कि, 27 गाँवों में चुनाव न कराए जाएँ।
इस याचिका ने केडीएमसी चुनाव में देरी की संभावना पैदा कर दी है। इस याचिका पर 7 अक्टूबर को सुनवाई होगी। हालाँकि, याचिकाकर्ताओं की मांग है कि अदालत 7 अक्टूबर से पहले इस याचिका पर सुनवाई करे। सबकी नज़र इस बात पर है कि कोर्ट क्या फैसला सुनाता है।
वार्ड संरचना की घोषणा
केडीएमसी चुनाव के लिए वार्ड संरचना की घोषणा कर दी गई है। इस पर 27 गाँवों से 3,500 से ज़्यादा आपत्तियाँ दर्ज की गई हैं। इस आपत्ति के माध्यम से 27 गांव मनपा में नहीं रहना चाहते हैं। इस बात को व्यक्त किया गया है। 27 गांवों में चुनाव नहीं होने चाहिए। इसके मद्देनजर सर्वपक्षीय हक्क संरक्षण संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। इस संबंध में, समिति के संयुक्त सचिव सुमित वझे ने कहा कि, समिति 42 वर्षों से 27 गांवों के विकास और कल्याण के लिए लड़ रही है। कल्याण डोंबिवली मनपा एक डकैत की तरह है । के डी एम सी के साथ जाने से 27 गावों का कुछ विकास नही हुआ।
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर
27 गांव मनपा से अलग होना चाहते हैं। अलगाव की यह लड़ाई समिति के दिवंगत नेताओं डी. बा. पाटिल और रतन म्हात्रे ने शुरू की । अब, भिवंडी के सांसद बाल्या मामा म्हात्रे की पहल पर समिति ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। मनपा की स्थापना 1983 में हुई थी। तब से, ये गाँव मनपा में 2002 तक थे। इसके बाद यह गांव फिर से अलग कर दिए गए । 2015 मे इन गावों को केडीएमसी मे सामील कर दिया गया। इन गांवों को फिर से मनपा से बाहर करने की मांग को लेकर सरकार सकारात्मक थी। महाविकास आघाड़ी सरकार ने 27 गांवों में से 18 गांवों को बाहर करने का फैसला किया।
हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। अब, जब समिति ने फिर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, इस याचिका के माध्यम से, 27 मनपा में नहीं रहना चाहते हैं। 27 में से 18 गांवों को बाहर करने की याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा दी गई रोक को हटाया जाना चाहिए। यह मांग की गई है इतना ही नही कि 27 गांवों पर चुनाव न थोपे जाएं इस तरह की मांग भी याचिका मे की गई है।