

Mira Road Seven Square Academy Tiffin Controversy Politics: मीरारोड स्थित सेवन स्क्वायर एकेडमी में छात्रों के टिफिन को लेकर जारी संदेश ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। स्कूल की ओर से पर्युषण पर्व के दौरान टिफिन में प्याज, लहसुन, आलू (जमीकंद) और नॉन-वेज नहीं लाने की अपील किए जाने पर शिवसेना (यूबीटी) ने इसे लेकर सरकार और स्कूल प्रबंधन पर निशाना साधा है।
वहीं, स्कूल प्रशासन और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने सफाई देते हुए कहा है कि यह कोई अनिवार्य नियम या सख्ती नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं के सम्मान के लिए की गई 'पवित्र अपील' थी।
शिवसेना (युबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने स्कूलों में बच्चों के खान पान को लेकर इस तरह की पाबंदी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा देने के केंद्र
होने चाहिए और बच्चों की व्यक्तिगत पसंद व खाने की आदतों को नियंत्रित करना उचित नहीं है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़ते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
स्कूल प्रशासन ने बताया कि जैन समुदाय के पर्युषण पर्व के दौरान कंदमूल और मांसाहार से परहेज किया जाता है। इसी धार्मिक भावना का सम्मान करने और प्राणी हिसा से बचने के उद्देश्य से अभिभावकों से आठ दिनों तक प्याज, लहसुन, आलू और नॉन-वेज टिफिन में न भेजने की अपील की गई थी।
स्कूल का यह भी कहना है कि इस दौरान बच्चों को सात्विक और पौष्टिक भोजन के लिए प्रोत्साहित करना भी पहल का हिस्सा था।
विवाद के बीच स्कूल प्रशासन और स्कूल से जुड़े भाजपा के विधायक नरेंद्र मेहता ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। उनका कहना है कि संदेश को जबरन लागू किए गए नियम' के तौर पर पेश किया जा रहा है, जबकि इसका उद्देश्य किसी की धार्मिक या व्यक्तिगत स्वतंत्रता को ठेस पहुंचाना नहीं था।
स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, पोर्टल और वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए अभिभावकों से केवल सहयोग का अनुरोध किया गया था। किसी छात्र या अभिभावक पर इसे मानने के लिए दबाव नहीं बनाया गया।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत ने इस मामले में और तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्कूलों में धार्मिक आधार पर इस तरह की पाबंदियों को 'लव जिहाद से भी ज्यादा खतरनाक' बताया और कहा कि बच्चों के खाने के अधिकार पर मनमानी रोक लगाने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना कार्यकर्ताओं ने स्कूल के कथित फरमान के खिलाफ स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।