मुंबई में जीवित पति को मृत घोषित कर महिला ने बेचा 1.11 करोड़ का फ्लैट, एमएचबी पुलिस ने किया गिरफ्तार

Mumbai Property Fraud: एमएचबी पुलिस ने बोरीवली में अपने जीवित पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर 1.11 करोड़ का संयुक्त फ्लैट बेचने के आरोप में शालिनी क्रास्टा को गिरफ्तार किया है।
Woman arrested by MHB Police for selling flat worth ₹1.11 crore after declaring her living husband dead
प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
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Borivali Fake Death Certificate Case: एमएचबी पुलिस ने एक महिला को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपने ही जीवित पति को मृत घोषित करने और संयुक्त नाम वाले फ्लैट को 1.11 करोड़ रुपये में बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान शालिनी रयान क्रास्टा के रूप में हुई है। बोरीवली मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

पति के हिस्से पर कब्जे की साजिश का आरोप

पुलिस के अनुसार, शालिनी पर आरोप है कि उसने पति के फ्लैट में मौजूद 50 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करने के उद्देश्य से कथित तौर पर पूरी साजिश रची। पीड़ित पति रयान एपेलीन क्रास्टा कोलाबा के एक फाइव स्टार होटल में कार्यरत हैं।

रयान और शालिनी की शादी वर्ष 2007 में हुई थी। दोनों ने बोरीवली की राज विला को-ऑपरेटिव सोसाइटी में 73.80 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदा था। फ्लैट दोनों के संयुक्त नाम पर था। इसके लिए 56 लाख रुपये का बैंक लोन लिया गया था, जिसकी किस्तें रयान लगातार चुका रहे थे।

विवाद के बाद अलग रहने लगे थे दंपती

पुलिस के मुताबिक, कुछ वर्ष पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इसके बाद रयान अपनी मां के साथ बांद्रा शहर में रहने लगे और मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच गया।

मामले में कथित धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ, जब बैंक के एक प्रतिनिधि से रयान को जानकारी मिली कि उनका संयुक्त फ्लैट धर्मेश और धारा तन्ना को 1.11 करोड़ रुपये में बेच दिया गया है।

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फर्जी NOC और डेथ सर्टिफिकेट का आरोप

जांच में पुलिस को आरोप है कि शालिनी ने सोसाइटी के चेयरमैन, सचिव और कोषाध्यक्ष के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर नकली NOC तैयार की। इसके अलावा, पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर खुद को कथित तौर पर एकमात्र वारिस बताया गया और उनकी सहमति के बिना फ्लैट बेच दिया गया।

फर्जी दस्तावेज किसने बनाए?

एमएचबी पुलिस अब इस मामले में कई पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और NOC किसने तैयार किए और इस पूरी प्रक्रिया में महिला की मदद किसने की।

इसके अलावा, पुलिस 1.11 करोड़ रुपये में हुई कथित बिक्री से प्राप्त रकम का इस्तेमाल या हस्तांतरण कहां किया गया, इसकी भी जांच कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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