पनवेल मनपा एयरबीन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Panvel AirBin System: एयर क्वालिटी सुधारने के लिए पनवेल मनपा (Panvel) ने जो ‘एयरबीन’ सिस्टम लगाया है, उससे ट्रैफिक सेफ्टी का मामला खड़ा हो गया है। सिग्नल ही कवर हो रहा है, इसलिए वाहन रोडपाली सिग्नल पर लगे इस सिस्टम से चालकों में नाराजगी दिखाई देने लगी है, पर्यावरण को बचाने के मकसद से लगाई गई यह स्कीम प्लानिंग की कमी की वजह से विवादों में आ गई है।
शहर में बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए मनपा के पर्यावरण विभाग ने कुल 10 जगहों पर ‘एयरबीन’ एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम लगाने का फैसला किया था। हर सिस्टम पर करीब 94 लाख 23 हजार रुपये खर्च हुए हैं और कुल 9 करोड़ 42 लाख रुपये का प्रोजेक्ट शुरू हुआ है।
यह सिस्टम हवा से धूल के कण और कार्बन खींचकर उन्हें पानी से प्रोसेस करता है। इसके लिए पांच हजार लीटर कैपेसिटी वाला एक टैंक लगाया गया है और रोजाना करीब चार सौ लीटर पानी इस्तेमाल होगा।
हालांकि, यह बात सामने आई है कि इन सिस्टम को लगाते समय ठीक से साइट का निरीक्षण नहीं किया गया था, पनवेल-मुंब्रा हाईवे पर रोडपाली सिग्नल चौक पर लगाए गए ‘एयर बीन’ ने रोडपाली से नावड़े गांव तक सड़क के सिग्नल को पूरी तरह से ढंक दिया है। इस वजह से सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि ड्राइवरों को सिग्नल दिखाई नहीं देता।
यह डिवाइस शहर में 5 जगहों पर चालू हो गई है, जिनमें कोपरागांव, नावड़े रानी लक्ष्मीबाई चौक, कलंबोली लेबर नाका, कलंबोली सर्कल महात्मा गांधी मिशन हॉस्पिटल और कामोठे एंट्रेस शामिल है। साथ ही, बाकी 5 जगहों, यानि खारघर (हीरानंदानी कॉम्प्लेक्स), सेक्टर 20 में भगवती टावर के पास, रोडपाली सिग्नल, पनवेल में हुतात्मा स्मारक उद्यान और कृष्णले झील के पास भाजी मंडई की पार्किंग में इस डिवाइस को लगाने का काम पूरा हो गया है, और ये पांचों डिवाइस अभी चालू नहीं हुई हैं।
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पनवेल मनपा (Panvel) पर्यावरण विभाग उपायुक्त स्वरूप खड़गे ने कहा मनपा के पर्यावरण विभाग और प्रॉपर्टी महावितरण के अलावा अब आने वाले 16 विभाग के जॉइंट सर्वे के जरिए मनपा एरिया में 10 जगहों पर एयर बीन मशीन लगाने का प्रोसेस चल रहा है। अगर रोडपाली सिग्नल के पास लगी एयर बीन मशीन से ट्रैफिक सिग्नल देखने में दिक्कत हो रही है, तो हम सलाह दे रहे है कि मशीन को नई जगह पर लगाया जाए। मनपा यह भी तय करेगा कि इसका खर्च मनपा पर न आए।
हालांकि यह स्कीम इसलिए जरूरी मानी जा रही है क्योंकि बढ़ते शहरीकरण के कारण प्रदूषण का लेवल बढ़ रहा है, लेकिन इसे लागू करने में कमियों के कारण नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए, नागरिक संबंधित जगहों पर तुरंत मरम्मत और सही प्लानिंग की मांग कर रहे हैं।