आवारा कुत्तों की समस्या पर बड़ा फैसला, सुप्रीम कोर्ट निर्देश के बाद मनपा को 1.43 हेक्टेयर भूमि मंजूर
Stray Dog Shelter: मीरा भाईंदर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार ने मनपा को डॉग शेल्टर निर्माण हेतु जमीन मंजूर कर दी है। जिसमें 500 से अधिक कुत्तों को रखने की सुविधा होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
आवारा कुत्ते (फाइल फोटो)
Mira Bhayandar Stray Dog Shelter: मीरा भाईंदर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और उससे उत्पन्न हो रहे मानव-कुत्ता संघर्ष पर अब ठोस और निर्णायक कदम उठाया गया है।
सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार ने उत्तन-गोराई रोड पर स्थित लगभग 1।43 हेक्टेयर सरकारी भूमि मनपा को आवारा कुत्तों के लिए आश्रय स्थल (डॉग शेल्टर) निर्माण हेतु हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है।
इस भूमि पर शीघ्र ही 500 से अधिक आवारा कुत्तों को रखने की क्षमता वाला आधुनिक आश्रय स्थल विकसित किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से शहर में आवारा कुत्तों के कारण आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों पर होने वाले हमलों और भय के माहौल पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद कार्रवाई
पिछले वर्ष सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर स्वतः संज्ञान याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय आवारा कुत्तों के लिए समर्पित आश्रय स्थल विकसित करें, ताकि मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसी क्रम में राज्य सरकार ने 24 नवंबर 2025 को एक महत्वपूर्ण सरकारी निर्णय (जीआर) जारी करते हुए राज्य के सभी स्थानीय निकायों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आवारा कुत्तों के लिए आश्रय स्थल विकसित करने के आदेश दिए थे।
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भूमि की कमी बनी थी सबसे बड़ी चुनौती
- मीरा भाईंदर मनपा क्षेत्र में पर्याप्त भूमि उपलब्ध न होने के कारण आश्रय स्थल निर्माण एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। इसे देखते हुए मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने 18 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार से उत्तन-गोराई रोड स्थित एक बड़े सरकारी भूखंड की औपचारिक मांग की थी। स्वीकृत नगर विकास योजना के अनुसार, इस भूखंड का 1 हेक्टेयर 43 एकड़ क्षेत्र मनपा प्रयोजन के लिए आरक्षित (आरक्षण क्रमांक 45) है।
- मनपा के अनुरोध के बाद राज्य सरकार ने राजस्व विभाग को यह भूखंड मनपा को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए, जिसे अव अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक व शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस डिपो व रेलवे स्टेशनों में पाए जाने वाले आवारा कुत्ते को पकड़कर उसकी नसबंदी और टीकाकरण किया जाएगा।
