मीरा-भाईंदर में 44,862 डुप्लीकेट मतदाता, चुनाव आयोग की रिपोर्ट से खुलासा, वोटरों से लिया वचनपत्र
Mira Bhayandar Voter List: मीरा-भाईंदर मतदाता सूची सत्यापन में 44,862 डुप्लीकेट नाम पाए गए। चुनाव आयोग के निर्देश पर इन मतदाताओं से वचनपत्र लेकर एक ही मतदान केंद्र को वैध किया गया।
- Written By: आकाश मसने
मीरा-भाईंदर मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mira-Bhayandar Municipal Corporation Voter List Verification : राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मीरा-भाईंदर के मतदाता सूची में किए गए सत्यापन में 44 हजार 862 दो बार (डुप्लीकेट) दर्ज मतदाता नाम पाए गए हैं। इन मतदाताओं के नाम के आगे दो क्रॉस के निशान लगाए गए हैं। 15 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की थी। इससे पहले 20 नवंबर को जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में भारी विसंगतियां सामने आने के बाद, सभी स्तरों से सत्यापन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके चलते राज्य चुनाव आयोग ने सत्यापन की अंतिम तिथि 5 दिसंबर तक बढ़ा दी।
समय-सीमा बढ़ने के बाद मीरा- भाईंदर मनपा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत कर मतदाता सूचियों का गहन सत्यापन किया। इसके बाद तैयार की गई अंतिम सूची के अनुसार, मनपा क्षेत्र में कुल 8 लाख 19 हजार 153 मतदाता दर्ज हैं। इसमें 2 लाख 25 हजार 817 नए मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है।
44,862 मतदाताओं को दो बार नाम
हालांकि इसी सत्यापन प्रक्रिया के दौरान यह भी सामने आया कि 44,862 मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज पाए गए। ये वे मतदाता हैं, जिनके नाम एक ही या अलग-अलग मतदान केंद्रों पर डुप्लीकेट रूप से शामिल थे। चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत मनपा ने इन डुप्लीकेट मतदाताओं से लिखित वचनपत्र लिया है।
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इस वचनपत्र में संबंधित मतदाता ने यह स्पष्ट किया है कि वह केवल एक ही मतदान केंद्र पर मतदान करेगा। साथ ही, मतदाता के शेष डुप्लीकेट नामों के सामने दर्ज मतदान केंद्र को रद्द मानते हुए, केवल एक केंद्र को वैध माना गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मतदाता एक से अधिक बार मतदान न कर सके और फर्जी मतदान पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मनपा सूत्रों के अनुसार अब उन सभी मतदाताओं की मतदान केंद्र-वार अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया में जुटा है, जिनके नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज पाए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि इस कदम से आगामी चुनावों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सकेगी।
