मीरा-भाईंदर: 20 साल पुराने विवादित धार्मिक स्थलों पर चला बुलडोजर, पुलिस बंदोबस्त में मनपा की बड़ी कार्रवाई
Encroachment Removal Drive: मीरा-भाईंदर के भाईंदर पूर्व स्थित आज़ादनगर में मनपा ने आरक्षित भूखंड पर बने करीब 20 साल पुराने विवादित धार्मिक स्थलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
- Written By: आंचल लोखंडे
Bulldozer Action (सोर्सः सोशल मीडिया)
MBMC Action: भाईंदर पूर्व के आज़ादनगर स्थित मनपा की आरक्षित भूमि पर बने करीब दो दशक पुराने दो विवादित अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ सोमवार तड़के व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मनपा ने कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए पूरे भूखंड को अतिक्रमण मुक्त करा लिया।
बालासाहेब ठाकरे कला दालान के लिए खाली कराया गया भूखंड
मनपा के अतिक्रमण निर्मूलन विभाग के अनुसार आरक्षित भूखंड क्रमांक-122 पर वर्षों से झोपड़ियां, गोदाम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सहित बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया था। इस भूखंड पर बालासाहेब ठाकरे कला दालान के निर्माण के समय भी कारवाई की गई थी।
पहले भी हुई थी कार्रवाई, धार्मिक स्थल बचे थे अछूते
पूर्व में चलाए गए अभियान के दौरान भूखंड का एक हिस्सा खाली कराया गया था, लेकिन शेष झोपड़ियों और अन्य अतिक्रमणों के कारण कार्रवाई अधूरी रह गई थी। तीन वर्ष पहले इसी झुग्गी बस्ती में लगी भीषण आग में दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने अधिकांश अतिक्रमण हटवा दिए थे। हालांकि, भूखंड पर स्थित नूरी मस्जिद और ओमकारेश्वर शिव मंदिर को उस समय यथावत रखा गया था।
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कई वर्षों से विवाद का केंद्र बने थे धार्मिक स्थल
आरक्षित भूमि पर बने इन धार्मिक स्थलों को लेकर पिछले कई वर्षों से विवाद बना हुआ था। एक पक्ष उनकी मूल स्थिति बनाए रखने की मांग कर रहा था, जबकि प्रशासन आरक्षित भूखंड से सभी अतिक्रमण हटाने के अपने निर्णय पर अडिग था। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
सुबह 5 बजे शुरू हुआ अभियान, 10:30 बजे तक पूरा हुआ ऑपरेशन
सोमवार सुबह करीब 5 बजे मनपा के अतिक्रमण विभाग ने भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच अभियान शुरू किया। कार्रवाई से पहले दोनों पक्षों को धार्मिक सामग्री और अन्य सामान हटाने के निर्देश दिए गए थे। अभियान के दौरान कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित रखा। करीब साढ़े दस बजे तक पूरी कार्रवाई संपन्न कर भूखंड को पूरी तरह खाली करा लिया गया।
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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
यह अभियान मनपा आयुक्त राधाविनोद शर्मा, उपायुक्त स्वप्निल सावंत तथा प्रभाग-4 के अधिकारी योगेश गुणिजन के नेतृत्व में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब प्रस्तावित विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
मनपा का संदेश: आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं
उपायुक्त स्वप्निल सावंत का कहना है कि सार्वजनिक विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आरक्षित भूमि का नियोजित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
