उद्घाटन से पहले ही मेट्रो-9 के नीचे बने ‘बॉटल नेक’ फ्लाईओवर पर बवाल, एमएमआरडीए का सनसनीखेज खुलासा
MMRDA Flyover Clarification: मीरा-भाईंदर में मेट्रो-9 के नीचे बने फ्लाईओवर के उद्घाटन से पहले चार लेन से दो लेन होने के ‘बॉटल नेक’ डिज़ाइन पर विवाद खड़ा हो गया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Mumbai metro 9 (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Bottleneck Bridge: मेट्रो-9 के नीचे निर्मित तीसरे फ्लाईओवर के उद्घाटन से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। दहिसर से काशीमीरा तक मेट्रो-9 के प्रथम चरण के उद्घाटन के साथ इस फ्लाईओवर का लोकार्पण इसी माह राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों होने की संभावना है। लेकिन उद्घाटन से पहले ही फ्लाईओवर के डिज़ाइन को लेकर नागरिकों और जनप्रतिनिधियों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है।
यह फ्लाईओवर काशीमीरा-भाईंदर छत्रपति शिवाजी महाराज मुख्य मार्ग पर पुराने पेट्रोल पंप से शुरू होकर आज़ाद नगर के पास स्थित धर्म कांटे तक जाता है। चार लेन का यह फ्लाईओवर गोल्डन नेस्ट सर्कल के पास अचानक दो लेन में सिमट जाता है, जिससे इसका स्वरूप ‘बॉटल नेक’ जैसा हो गया है। इस डिज़ाइन को लेकर इंजीनियरिंग पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों का आरोप है कि चार लेन से अचानक दो लेन में बदलने के कारण यहां भीषण ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इस संबंध में लगातार खबरें प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद फ्लाईओवर निर्माण एजेंसी एमएमआरडीए ने आनन-फानन में स्थिति स्पष्ट करते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है।
सम्बंधित ख़बरें
घाटखेड़ा हादसा: तालाब में डूबकर मौत की घटनाओं में हो रहा इजाफा, प्रशासन की अनदेखी और लोगों की लापरवाही है वजह
दस्तूर नगर सीधे समृद्धि महामार्ग से जुड़ेगा, अमरावती में 840 करोड़ की सड़क परियोजना को मिली रफ्तार
लाखनी में मातोश्री ग्रामसमृद्धि योजना पर उठे सवाल, खेत सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल के आरोप
अमरावती चुनाव को लेकर भाजपा में हलचल तेज, स्थानीय स्वराज्य संस्था चुनाव के लिए टिकट की दौड़ शुरू
एमएमआरडीए का पक्ष
एमएमआरडीए ने कहा है कि चार लेन से दो लेन में परिवर्तन किसी डिज़ाइन त्रुटि के कारण नहीं, बल्कि उपलब्ध सड़क चौड़ाई और भविष्य की ट्रैफिक योजना के अनुरूप किया गया है। फ्लाईओवर को 2 लेन भाईंदर पूर्व और भविष्य में 2 लेन भाईंदर पश्चिम कनेक्शन के लिए डिज़ाइन किया गया है। चूंकि पूर्व दिशा का अलाइनमेंट पहले तैयार हुआ है, इसलिए वर्तमान में यह चार लेन से दो लेन में बदलता हुआ दिखाई देता है, जबकि बाहरी दो लेन भविष्य के विस्तार के लिए सुरक्षित रखी गई हैं।
ट्रैफिक पुलिस से मार्गदर्शन
एमएमआरडीए के अनुसार, गोल्डन नेस्ट सर्कल जैसे अत्यधिक ट्रैफिक वाले जंक्शन पर मेट्रो के साथ इंटीग्रेटेड 2+2 लेन फ्लाईओवर और स्लिप रोड की व्यवस्था की गई है, ताकि यातायात सुचारु रूप से विभाजित हो सके। जंक्शन के आगे, विकास योजना (डीपी) के अनुसार सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण रेलवे फाटक रोड की दिशा में डेडिकेटेड अप-डाउन रैंप के साथ 1+1 लेन फ्लाईओवर बनाया गया है। भविष्य में इसके चौड़ीकरण का भी प्रावधान रखा गया है। एमएमआरडीए का दावा है कि फ्लाईओवर में सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं और उद्घाटन से पहले ट्रैफिक पुलिस से मार्गदर्शन लिया जा रहा है।
ये भी पढ़े: विलासराव देशमुख से अजित पवार तक, जब ‘मौत’ ने बदली महाराष्ट्र की सियासी दिशा, फिर दोहराया जाएगा इतिहास?
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
मनसे जिला प्रमुसंदीप राणे ने कहा कि “इस फ्लाईओवर को दोनों ओर के अतिक्रमण को संरक्षण देने के लिए चार लेन से दो लेन का बनाया गया है। उद्घाटन के दिन हम इस फ्लाईओवर का नक्शा तैयार करने वाले इंजीनियर को उस्तरा भेंट करेंगे। यह नागरिकों के पैसे का अपव्यय और खुला भ्रष्टाचार है।”
कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद जय ठाकुर ने कहा कि “शहर में होने वाले विकास कार्य जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर होने चाहिए। जब यह पुल बन रहा था, तभी मैंने विरोध किया था, लेकिन शासन और प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। चार लेन का पुल अचानक दो लेन का हो जाना जनता की परेशानी बढ़ाएगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
