मानसून पूर्व बाढ़-मुक्त शहर की दिशा में MBMC की बड़ी पहल, आठ सदस्यीय विशेष समिति का गठन
MBMC Initiative: मीरा-भाईंदर में मानसून पूर्व बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए MBMC ने आठ सदस्यीय विशेष समिति गठित की है, जो जलभराव के कारणों का अध्ययन कर स्थायी समाधान लागू करेगी।
- Written By: आंचल लोखंडे
Mira Bhayandar flood (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Flood: मानसून के दौरान हर वर्ष मीरा-भाईंदर शहर के निचले इलाकों में उत्पन्न होने वाली गंभीर बाढ़ समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए मीरा-भाईंदर महानगरपालिका (MBMC) ने ठोस कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। जलभराव के कारणों का गहराई से अध्ययन कर प्रभावी समाधान लागू करने के उद्देश्य से मनपा प्रशासन ने एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति को निर्देश दिए गए हैं कि आगामी मानसून से पहले आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
मीरा-भाईंदर शहर की भौगोलिक स्थिति बाढ़ की समस्या को और जटिल बनाती है। शहर एक ओर संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान की पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जबकि अन्य तीन ओर खाड़ी और समुद्र तट स्थित हैं। मानसून के दौरान पहाड़ियों से उतरने वाला वर्षा जल सीधे शहर में प्रवेश करता है। वहीं, भारी बारिश के साथ ज्वार आने की स्थिति में समुद्र का पानी खाड़ी के रास्ते उल्टी दिशा से शहर में प्रवेश कर जाता है।
विशेष समिति का गठन
इस दोहरे दबाव के कारण नालियों के माध्यम से वर्षा जल का निकास बाधित हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप काशीमीरा, भाईंदर पूर्व का नवघर क्षेत्र और भाईंदर पश्चिम की बेकरी गली सहित कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से लगातार बाढ़ जैसी स्थिति बन रही है। इससे नागरिकों के घरों में पानी भर जाता है, घरेलू सामान, व्यापारियों का अनाज और विद्युत उपकरण खराब हो जाते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
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अब तक प्रशासन द्वारा हर वर्ष जलशोधन पंप लगाने जैसे अस्थायी उपाय किए जाते रहे हैं, लेकिन इन्हें दीर्घकालिक समाधान नहीं माना जा रहा। इसी पृष्ठभूमि में मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा ने अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है। समिति में शहर अभियंता, सहायक संचालक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
समिति की समीक्षा प्रत्येक माह की जाएगी
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह अगले एक माह के भीतर जलभराव वाले क्षेत्रों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर बाढ़ के कारणों का अध्ययन करे। रिपोर्ट के आधार पर नालियों को चौड़ा करने, आपस में जोड़ने तथा अन्य आवश्यक संरचनात्मक सुधारों की योजना तैयार की जाएगी। जिन कार्यों में अधिक समय लगेगा, उन्हें अगले मानसून तक पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए समिति की समीक्षा प्रत्येक माह की जाएगी।
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बाढ़-मुक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास
इस बीच, शहर के विभिन्न हिस्सों में जल प्रवाह के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए किसी विशेषज्ञ संस्था की सहायता लेने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सीएसआर फंड उपलब्ध न होने के कारण यह अध्ययन नहीं हो सका। अब यह जिम्मेदारी समिति में शामिल अधिकारियों को सौंपी गई है। मनपा प्रशासन का दावा है कि आगामी मानसून से पहले ठोस और प्रभावी उपाय लागू कर मीरा-भाईंदर शहर को बाढ़-मुक्त बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे।
