

MBMC On Vitthal Mahaarti Ashadhi Ekadashi: आषाढ़ी एकादशी पर भगवान श्री विट्ठल की 51 फीट ऊंची प्रतिमाओं की पूजा और महाआरती को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच चल रही सियासी खींचतान का आखिरकार समाधान निकल आया है।
मीरा-भाईंदर मनपा ने 25 जुलाई को नवघर (भाईंदर पूर्व) और काशीमीरा स्थित जरीमारी तालाब परिसर में अलग-अलग धार्मिक आयोजन कराने का फैसला लिया है। शिवसेना की संस्कृति युवा प्रतिष्ठान 25 जुलाई को शाम 6 बजे महाआरती का आयोजन करेगी, वहीं इसी दिन सुबह 10 बजे मनपा की ओर से महापौर और उपमहापौर भी पूजा अर्चना करेंगे।
संस्कृति युवा प्रतिष्ठान ट्रस्ट ने 16 जुलाई को मीरा-भाईंदर मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा से नवघर स्थित 51 फीट ऊंची भगवान श्री विट्ठल प्रतिमा पर आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर महाआरती की अनुमति मांगी थी। इससे पहले 30 जून को महापौर डिंपल मेहता ने भी दोनों विट्ठल प्रतिमाओं पर मनपा की ओर से पूजा, अभिषेक, आरती और भजन-कीर्तन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था।
दोनों पक्षों के कार्यक्रम प्रस्तावित होने के बाद प्रशासन के सामने अनुमति और कानून-व्यवस्था को लेकर चुनौती खड़ी हो गई। बाद में मनपा ने अलग-अलग समय और स्थान पर धार्मिक आयोजन कराने का निर्णय लेकर संभावित विवाद का समाधान किया, जिससे श्रद्धालु शांतिपूर्वक कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे।
एक ही समय और स्थान पर दो अलग-अलग कार्यक्रम प्रस्तावित होने से प्रशासन असमंजस में था। ट्रस्ट ने कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं में भ्रम की आशंका जताई थी। मनपा से अनुमति मिलने के बाद संस्कृति युवा प्रतिष्ठान ट्रस्ट ने नवघर में 25 जुलाई की शाम 6 बजे महाआरती के आयोजन का निर्णय लिया।
तो वहीं दूसरी ओर गुरुवार को जारी मनपा के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 25 जुलाई को सुबह 10 बजे काशीमीरा के जरीमारी तालाब परिसर में महापौर डिंपल मेहता तथा उसी समय नवघर (भाईंदर पूर्व) में उपमहापौर ध्रुवकिशोर पाटील के हाथों भगवान श्री विट्ठल की विधिवत पूजा-अर्चना कराई जाएगी। मनपा के इस फैसले से एक ही स्थान पर दो कार्यक्रम होने की आशंका समाप्त हो गई है। अब आषाढ़ी एकादशी पर दोनों स्थानों पर श्रद्धालु शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्वक धार्मिक आयोजनों में भाग ले सकेंगे।