ठाणे: शांतिनगर के जर्जर Parks और Grounds फिर होंगे आबाद, MBMC के अधीन लाने की तैयारी, महापौर ने दिए निर्देश

Mira Road Public Parks Redevelopment: शांतिनगर में शांति पार्क के 20 पार्क और 4 मैदान फिर MBMC के अधीन आ सकते हैं। महापौर ने प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए, जिससे मरम्मत और रखरखाव का रास्ता खुल सकता है।
Mayor Orders MBMC Plans Restoration Of Shantinagar Parks And grounds
महापौर डिंपल मेहता (सोर्सः फाइल फोटो)
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MBMC Plans Shantinagar Restoration Of Parks And Grounds: मीरा रोड के शांतिनगर और शांति पार्क इलाके में वर्षों से उपेक्षित पड़े पार्कों और खेल मैदानों को फिर से नागरिकों के लिए शुरू करने की दिशा में पहल तेज हो गई है। महापौर डिंपल मेहता ने संबंधित विभाग को आगामी आम सभा में प्रस्ताव पेश करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव मंजूर होने पर क्षेत्र के 20 पार्क और 4 मैदानों के रखरखाव की जिम्मेदारी दोबारा मनपा के अधीन आ सकती है।

बता दें कि करीब 4 दशक पहले विकसित किए गए शांतिनगर और शांति पार्क क्षेत्र में उस समय के विकास नियंत्रण नियमों के तहत खेलकूद और मनोरंजन के लिए आरक्षित भूखंड छोड़े गए थे। स्थानीय स्तर पर इनका रखरखाव संभव नहीं होने के कारण मीरा- भाईंदर मनपा ने वर्ष 2014 में इन्हें अपने अधीन लेकर यहां 20 पार्क और 4 खेल मैदान विकसित किए थे।

6 वर्षों से पार्क और मैदान बदहाल स्थिति में पड़े हैं

हालांकि, वर्ष 2020 में नए विकास नियंत्रण नियम लागू होने के बाद इन आरजी (रिक्रिएशन ग्राउंड) भूखंडों की जिम्मेदारी फिर से डेवलपर्स और संबंधित सोसायटियों को सौंप दी गई। नियमों के चलते मनपा इन परिसरों पर अपने कोष से खर्च नहीं कर सकता था। रखरखाव का खर्च संबंधित सोसायटियों से लेने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

नतीजतन, पिछले 6 वर्षों से पार्क और मैदान बदहाल स्थिति में पड़े हैं। बच्चों के खेलने और नागरिकों के टहलने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक सुविधाएं नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। वे लंबे समय से इन परिसरों के रखरखाव की जिम्मेदारी ठाणे मनपा को सौंपने की मांग कर रहे हैं।

हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में महापौर डिंपल मेहता ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यक प्रस्ताव आम सभा में रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पार्कों और मैदानों की मरम्मत कर उन्हें दोबारा नागरिकों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।

नियमों में बदलाव जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा शहरी विकास नियंत्रण नियमों के तहत आरक्षित भूखंडों की जिम्मेदारी संबंधित सोसायटियों या डेवलपर्स पर है। ऐसे में इन परिसरों के रखरखाव और मरम्मत पर सरकारी धन खर्च करने में कानूनी बाधाएं हैं। इसलिए स्थायी समाधान के लिए नियमों में विशेष संशोधन आवश्यक माना जा रहा है। नियमों में बदलाव होने के बाद ही पार्कों और मैदानों का पुनर्विकास कर उन्हें पूरी तरह नागरिकों के लिए खोला जा सकता है।

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