

Western Railway Train Rescheduled In Heavy Rain: महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में हो रही लगातार भारी बरसात के कारण रेल व सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। गुजरात की तरफ से मुंबई की तरफ आने वाली ट्रेनों पर गंभीर असर पड़ा है। इससे पश्चिम रेलवे का परिचालन काफी प्रभावित हुआ है।
गुरुवार को सुबह पश्चिम रेल के पुलों पर जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने की वजह से दहानू-उमरगांव रोड सेक्शन के बीच ट्रेनों की आवाजाही को घंटो रोकना पड़ा। इसके चलते कई लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चलीं और कुछ को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया। पश्चिम रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी वजह से एहतियात के तौर पर ट्रेनों का रेग्युलेशन किया गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही मौसम सामान्य होगा, सेवाएं पूरी तरह बहाल कर दी जाएंगी।
पश्चिम रेलवे की ओर से बताया गया कि घोलवड और उमरगांव रोड के बीच ब्रिज पर पानी का स्तर बढ़ने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। इस कारण कुछ ट्रेनों को रास्ते में ही रोककर समय-सारणी में बदलाव किया गया। इसी क्रम में ट्रेन संख्या 20908 में सवार यात्रियों को साबरमती स्टेशन पर बिस्किट वितरित किए गए। वहीं ट्रेन संख्या 22956 को भारी बारिश के कारण रोके जाने पर यात्रियों को फूड पैकेट दिए गए ताकि देरी के दौरान उन्हें असुविधा न हो।
भारी बरसात से विभिन्न स्टेशनों पर लंबी दूरी की ट्रेनें रुकीं रहीं। इस दौरान यात्रियों को राहत पहुंचाने में वडोदरा मंडल आगे रहा। भरूच रेलवे स्टेशन पर विशेष व्यवस्था की गई। यहां NGO, स्वयं सहायता समूहों और DRUCC सदस्यों के सहयोग से यात्रियों के लिए पेयजल, बिस्किट और चाय की व्यवस्था की गई।
इसके अलावा वडोदरा मंडल के उत्रान, अंकलेश्वर, भरूच, काशीपुरा सरार, मकरपुरा, वडोदरा, बाजवा, आनंद, नडियाद, गोधरा सहित कई स्टेशनों पर भी राहत सामग्री वितरित की गई। यात्रियों को पानी, चाय, दूध, बिस्किट, फूड पैकेट, पूरी-सब्जी और कढ़ी-चावल जैसे खाने-पीने की चीजें उपलब्ध कराई गईं। एक ही स्थान पर घन्टो ट्रेन खड़ी होने से यात्री भी काफी परेशान हुए।
अहमदाबाद मंडल ने भी यात्री सहायता के लिए अपने कर्मचारियों को लगाया। प्रतिकूल मौसम में यात्रियों को समय पर सहायता, सुरक्षा और देखभाल के लिए ट्रेनों में फंसे यात्रियों को खाने-पीने की चीजें मुहैया कराई गईं।
पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने बताया कि भारी बरसात एवं जल स्तर बढ़ जाने से रेल यातायात प्रभावित जरूर हुआ लेकिन पूरी तरह ठप नहीं हुआ। पानी कम होते ही धीरे धीरे ट्रेनें अपने रूट पर चल रहीं हैं। कुछ पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले NTES ऐप, 139 हेल्पलाइन या स्टेशन पूछताछ से ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जानकारी जरूर लें। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में यात्री अनावश्यक यात्रा से बचें और रेलवे कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।