कल्याण में टला बड़ा हादसा, ST बस पोल से टकराई, 25 यात्रियों की जान बाल-बाल बची
Thane News: नासिक से कल्याण आ रही ST बस देर रात बिजली के पोल से टकरा गई। बस का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित है।
- Written By: सोनाली चावरे
कल्याण ST बस पोल से टकराई (pic credit; social media)
Kalyan ST bus Accident: कल्याण में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। नासिक से 38 यात्रियों को लेकर निकली राज्य परिवहन की बस कल्याण स्टेशन के पास अचानक बिजली के पोल से टकरा गई। हादसे के वक्त बस में 25 यात्री मौजूद थे। गनीमत यह रही कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बच निकले।
यह बस शनिवार रात नासिक से कल्याण के लिए रवाना हुई थी। यात्रा के दौरान 13 यात्री बीच रास्ते उतर गए थे। देर रात करीब डेढ़ बजे जब बस कल्याण स्टेशन के नजदीक गुरुदेव होटल के पास पहुंची तो अचानक सड़क पर अंधेरा होने और बस की खराब लाइट के कारण यह हादसा हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
ड्राइवर किशन रामदास जाधव ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही कल्याण बस डिपो के मैनेजर को बता दिया था कि बस में तकनीकी दिक्कत है और सिर्फ एक साइड की लाइट जल रही है। इसके बावजूद मैनेजर ने लापरवाही दिखाते हुए कहा कि “कुछ नहीं होगा, बस लेकर आओ।” नतीजा यह हुआ कि यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई।
सम्बंधित ख़बरें
राज्य में नकली दवा कंपनियों पर कसेगा शिकंजा, जांच के लिए राज्य सरकार ने बनाई विशेष समिति
MSRTC का फैसला; निर्धारित स्थानों पर नहीं रोकी बस तो कर्मचारियों की ही कटेगी जेब, वसूला जाएगा जुर्माना
14 जून 14 मौते! भगवान के आखरी दर्शन… पंढरपुर हादसे ने महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया, नहीं थी सुरक्षा दीवार
तुमसर में दर्दनाक हादसा: जामुन तोड़ते समय पेड़ से गिरकर नगर परिषद कर्मचारी की मौत
इसे भी पढ़ें- ST बसों से होगी नागद्वार यात्रा, CM फडणवीस ने MP के मुख्यमंत्री यादव से की बात
घटना के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल था। हालांकि, समय रहते सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे से नाराज यात्रियों ने सवाल उठाया है कि आखिर बिना फिटनेस जांचे और खराब लाइट के साथ बस को सड़क पर क्यों उतारा गया।
फिलहाल हादसे की जानकारी संबंधित विभाग को दे दी गई है। यात्री और स्थानीय लोग अब राज्य परिवहन की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सवाल यही है कि क्या यात्रियों की जिंदगी इतनी सस्ती है कि तकनीकी खराबी वाली बस को सड़क पर दौड़ने दिया जाए? अगर हादसा और बड़ा होता तो कौन जिम्मेदार होता?
