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ठाणे: जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे DM श्रीकृष्ण पांचाल, चर्चा में आई ‘गुदड़ी बैठक’ की अनूठी पहल

Thane News: ठाणे के जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की अनोखी पहल। शहापुर के आदिवासी इलाके में अधिकारियों संग जमीन पर बैठकर 'गुदड़ी बैठक' की और रात में रुककर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

  • Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: रूपम सिंह
Updated On: Jun 07, 2026 | 11:57 AM

श्रीकृष्ण पांचाल ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे (सोर्स- नवभारत लाइव)

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Thane Collector Shrikrishna Panchal: सरकारी कार्यालयों के बारे में लोगों की धारणा यही है कि फाइलों के ढेर के बीच टेबल और कुर्सियां, अधिकारी की केबिन एवं दरवाज़े पर खड़ी आम लोगों की भीड़ अपने काम का इंतजार करती रहती है। लेकिन सोचिए, यदि वही ऑफिस और उसका सबसे बड़ा प्रशासनिक अधिकारी स्वयं आपके गांव में, आपके आंगन में पहुंच जाए तो क्या हो ? यदि जिले के एडमिनिस्ट्रेटिव हेड तथा जिलाधिकारी अपने अधिकारियों के साथ ज़मीन पर गुदड़ी (कपड़े की चटाई) बिछा कर ग्रामीणों की समस्या सुनें तो यह उन ग्रामीणों के लिए सपने जैसा होगा। लेकिन यह सपना नहीं बल्कि हकीकत है।

चर्चा का विषय बनी डॉ.पांचाल की ‘गुदड़ी बैठक’

ठाणे के युवा जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की संकल्पना से अतिरिक्त जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल, निवासी उप जिलाधिकारी डॉ. संदीप माने, भिवंडी के एसडीओ अमित सानप, शहापुर तहसीलदार परमेश्वर कसुले की पहल पर शहापुर के आदिवासी और ग्रामीण इलाके में आयोजित यह ‘घोंगड़ी बैठक’ पूरे महाराष्ट्र में अनोखी एवं चर्चा का विषय बन गई है। आम धारणा है कि सरकारी अधिकारी रात में सुदूर इलाकों में नहीं जाते।

लेकिन जब स्वयं जिलाधिकारी रात में अपने अमले के साथ ग्रामीण इलाके में पहुंच जाएं तो सबके लिए अलग स्थिति बन जाती है। हुआ भी यही जिलाधिकारी डॉ श्रीकृष्ण पांचाल ने शहापुर के गांव में अपनी चौपाल रात में ही लगा दी। जैसे ही जिलाधिकारी ‘डोलखाम्ब’ गांव में पहुंचे, ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्नेह के साथ पारंपरिक रूप से उनका स्वागत किया गया।

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इससे ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच के रिश्तों की एक नई डोर मजबूत हुई। दिखावे और वीआईपी कल्चर के बिना सादे, पारंपरिक माहौल में यह ‘घोंगड़ी बैठक’ शुरू हुई। एक तरफ जिलाधिकारी डॉ श्रीकृष्ण पांचाल स्वयं जमीन पर आम लोगों के साथ एक कंबल पर बैठे। रात के अंधेरे में एक साधारण बल्ब की रोशनी में हुआ यह सीधा संवाद महज सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन और लोगों के बीच टूटते विश्वास को जोड़ने वाला एक मजबूत सेतु बन गया।

ग्रामीणों ने गिनाई समस्याएं

इस अनोखी बैठक में ग्रामीणों का जबरदस्त प्रतिसाद रहा। बड़ी संख्या में पुरुषों के साथ महिलाएं भी मौजूद रहीं। बैठक में ग्रामीणों ने स्थानीय विकास कार्यों से जुड़ी अनेक समस्याएं जैसे पेयजल की समस्या, संचार के लिए क्षतिग्रस्त सड़कें, बिजली आपूर्ति, वन अधिकार दावों में कठिनाई, सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने में परेशानी और जमीन के मुद्दे सीधे तौर पर उठाए। संवेदनशील जिलाधिकारी डॉ.पांचाल ने स्वयं प्रत्येक विषय को विस्तार से समझ कर निवारण हेतु तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया।

जिलाधिकारी डॉ पांचाल ने कहा कि दफ्तर के एसी केबिन में बैठकर फाइलें देख कर निर्णय लिए जाते हैं, लेकिन गांव में आकर लोगों के चेहरों, उनकी आंखों में उम्मीदों और उनकी असली समस्याओं को समझना ज़्यादा ज़रूरी है। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों के बीच पहुंचकर ऐसी बैठकों के माध्यम से लोकतंत्र को अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।

यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र: प्रफुल पटेल-तटकरे ने फडणवीस से की मुलाकात, सुनेत्रा पवार को वित्त विभाग देने की मांग

‘संवेदनशील प्रशासन’ का संदेश

ठाणे जिला सूचना अधिकारी मनोज सानप ने कहा कि जिलाधिकारी डॉ श्रीकृष्ण पांचाल की संकल्पना से सीधे गांवों में लोगों के बीच जाकर उनके साथ बैठक कर संवाद करने से प्रशासन एवं आम लोगों के बीच विश्वास की कड़ी मजबूत हो रही है।

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल के इस जनकल्याण अभियान को गति देने के लिए आरडीसी डॉ संदीप माने, भिवंडी के सब-डिविजनल ऑफिसर अमित सानप और तहसीलदार परमेश्वर कसुले के साथ पूरे रेवेन्यू और अलग-अलग डिपार्टमेंट के अधिकारी देर रात तक बैठक कर न सिर्फ़ लोगों की शिकायतें सुनीं, बल्कि सरकार की अलग-अलग जनकल्याण योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई है।

इससे ग्रामीणों के मन में यह भरोसा जगा कि प्रशासन उनके पीछे मज़बूती से खड़ा है। शहापुर तालुका से शुरू हुई यह पहल सिर्फ़ एक रात तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के पूरे एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम को एक नई पॉज़िटिव दिशा दिखाने वाली एक रोशनी बन गई है। कि इस गुदड़ी मीटिंग के बाद, खुद डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर समेत सभी अधिकारी “डोलखाम्ब” गांव में ही रुके।

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Published On: Jun 07, 2026 | 11:57 AM

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