

वालधुनी नदी के पानी का नमूना जांच के लिए भेजा, रिपोर्ट के बाद कार्रवाई।
सीवेज, रासायनिक अपशिष्ट और कचरे से नदी प्रदूषण पर चिंता।
बुद्ध भूमि फाउंडेशन ने नालों की मैपिंग और पानी की वैज्ञानिक जांच की मांग की।
Kalyan Waldhuni River Pollution: कल्याण की वालधुनी नदी को प्रदूषणमुक्त करने की दिशा में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) ने कदम उठाया है। नदी के पानी का नमूना जांच के लिए जमा किया गया है।
एमपीसीबी के कल्याण विभाग के अधिकारी राजेश नांदगांवकर के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में बुद्ध भूमि फाउंडेशन ने भी क्षेत्रीय अधिकारी को पत्र सौंपकर तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
बुद्ध भूमि फाउंडेशन के अनुसार, वालधुनी नदी क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राकृतिक जलधारा है। हालांकि, लंबे समय से घरेलू सीवेज, औद्योगिक एवं रासायनिक अपशिष्ट और अनधिकृत व्यावसायिक तथा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी के कारण नदी की जल गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
फाउंडेशन ने नदी में काले और दुर्गंधयुक्त पानी, रासायनिक प्रदूषण तथा बड़ी मात्रा में ठोस कचरा जमा होने पर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि इससे जलीय जीवों, जैव विविधता, कल्याण शहर में नदी किनारे के पर्यावरण और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
फाउंडेशन ने नदी में मिलने वाले प्रत्येक नाले की जीपीएस मैपिंग करने का सुझाव दिया है। इसके जरिए नालों के स्रोत, पानी के प्रवाह, सीवेज की मात्रा और उसकी प्रकृति का पता लगाने की मांग की गई है। साथ ही, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान के लिए विस्तृत सूची तैयार करने पर जोर दिया गया है।
फाउंडेशन ने पानी में बीओडी (BOD), सीओडी (COD), टीडीएस (TDS), पीएच (pH), घुलित ऑक्सीजन (DO) और भारी धातुओं सहित आवश्यक रासायनिक घटकों की जांच करने का सुझाव दिया है। इससे पानी की गुणवत्ता और प्रदूषण की प्रकृति का आकलन करने में मदद मिल सकती है।
एमपीसीबी के अधिकारी राजेश नांदगांवकर के मुताबिक, वालधुनी नदी के पानी का नमूना जांच के लिए जमा किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के नतीजों और उनके आधार पर होने वाले कदमों पर स्थानीय नागरिकों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों की नजर है।