

Pune Municipal Corporation Water Crisis SOP: पुणे शहर में लगातार गहराते जल संकट के बीच टैंकरों के जरिए होने वाली पानी की सप्लाई को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आम नागरिकों के अनुकूल बनाने के लिए पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) जल्द ही एक व्यापक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू करेगी। स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रशासन को इस संबंध में तत्काल कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शहर में पानी के टैंकरों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन इसके साथ ही नागरिकों को कई तरह की गंभीर समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है।
वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों से तय दरों से अधिक पैसे वसूलने, समय पर टैंकर न पहुंचने, जीपीएस प्रणाली का इस्तेमाल न होने, सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी, पानी की खराब गुणवत्ता और सरकारी नियंत्रण की कमी जैसी लगातार शिकायतें आ रही हैं। इन सभी अनियमितताओं को दूर करने के लिए पूरे शहर में एक समान और जवाबदेह कार्यप्रणाली लागू करना समय की बड़ी मांग बन चुका है।
स्थायी समिति ने प्रशासन से वर्तमान में संचालित पूरी टैंकर व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है। इसमें मनपा के स्वामित्व वाले और निजी टैंकरों की कुल संख्या, विभिन्न जलभराव केंद्रों की क्षमता, प्रशासन द्वारा अधिकृत की गई दरें, टैंकरों से हुई दुर्घटनाओं के पुराने आंकड़े, ड्राइवरों की योग्यता, ऑनलाइन बुकिंग और कंट्रोल रूम की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई।
प्रस्तावित एसओपी के तहत अब कई कड़े नियमों को अनिवार्य किया जाएगा। इसके तहत प्रशासन द्वारा निर्धारित दरों की सूची को सार्वजनिक किया जाएगा और प्रत्येक टैंकर पर रेट बोर्ड लगाना बेहद जरूरी होगा। इसके अलावा, सभी टैंकरों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा, जिससे नागरिक मोबाइल ऐप के जरिए अपने बुक किए गए टैंकर की लाइव लोकेशन देख सकेंगे।
इसी बैठक में पुणे शहर के वानवडी और आसपास के क्षेत्रों में यातायात की गंभीर समस्या से राहत देने और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया। स्थायी समिति ने प्रभाग क्रमांक 25 के तहत कालूबाई मंदिर से अभ्युदय सोसायटी, वानवडी ताडीमला और भैरोबा नाला क्षेत्र में प्रस्तावित तीन नए पुलों के निर्माण के लिए एक विशेषज्ञ परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) की नियुक्ति के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह सलाहकार कंपनी निर्माण कार्य की पूरी तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और तय समय सीमा में काम पूरा होना सुनिश्चित करेगी।