

Highlights:
कल्याण पूर्व के वालधुनी इलाके में 9 और 4 साल की नाबालिग बच्चियों से जुड़े यौन अपराध के मामले सामने आए।
पुलिस ने 9 साल की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की कोशिश के आरोपी गुड्डू शेख और दूसरी बच्ची के मामले में आरोपी रामजीवन यादव को गिरफ्तार किया।
विधायक सुलभा गायकवाड़ ने महात्मा फुले चौक पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बलिराम सिंह परदेसी से मुलाकात की।
Kalyan Minor Girls Assault Case: कल्याण पूर्व के वालधुनी इलाके में चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक ही समय में दो घिनौनी घटनाएं घटी, जिससे लोगों में भारी गुस्सा व्याप्त हो गया है। दो अलग-अलग घटनाओं में नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न किया गया, और दुषकर्म के दोनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 9 साल की नाबालिग लड़की के साथ दुषकर्म की कोशिश करने वाले गुड्डू शेख को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरी घटना में 4 साल की नाबालिग मासूम लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने वाले रामजीवन यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
स्थानीय विधायक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। 9 साल की बच्ची के साथ दुषकर्म की कोशिश इंसानियत पर दाग है।दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। 9 साल की मासूम बच्ची के साथ रेप की कोशिश की घटना अशोकनगर, वालधुनी ओपन जिम में हुई। यह घटना बहुत दर्दनाक और दिल दहला देने वाली है। बचपन को प्यार, दुलार और सुरक्षा के साथ खिलना चाहिए; लेकिन ऐसी घटनाएं समाज की संवेदनशीलता और इंसानियत पर गंभीर सवाल उठाती हैं।
इस घटना की जानकारी मिलने पर विधायक सुलभा गायकवाड़ तुरंत महात्मा फुले चौक पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बलिराम सिंह परदेसी से मिलीं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। यह बहुत ज़रूरी है कि छोटी बच्ची को न्याय मिले, उसकी सुरक्षा बनी रहे और इस मुश्किल समय में उसके परिवार को सही सहारा मिले। मांग की गई कि इस मामले की जांच संवेदनशीलता, निष्पक्षता और तेज़ी से की जाए और आरोपियों को कानून के मुताबिक कड़ी सज़ा दी जाए। छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
विधायक सुलभा गायकवाड़ ने कहा कि इस घटना में छोटी बच्ची की पहचान और प्राइवेसी की रक्षा करना हम सबकी मिलकर ज़िम्मेदारी है। समाज के तौर पर यह हमारा फ़र्ज़ है कि हम उसे और उसके परिवार को सपोर्ट करें, यह ध्यान में रखते हुए कि उसे कितना ट्रॉमा झेलना पड़ा है। मैं लड़कियों की सुरक्षा, इज़्ज़त और इंसाफ़ के लिए मज़बूती से खड़ी रहूंगी। हर छोटी बच्ची का बचपन बिना डर के हो हर लड़की को सुरक्षित माहौल मिले और हर पीड़ित को इंसाफ़ मिले-यह हम सबकी मिलकर ज़िम्मेदारी है।