

नाशिक मनपा के ठेका कर्मचारियों को भी दिवाली बोनस देने के निर्देश।
मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने ठेकेदारों को जिम्मेदारी निभाने को कहा।
नियमानुसार पात्र कर्मचारियों के लिए 8.33 प्रतिशत बोनस का प्रावधान।
उपमहापौर बंटी तिदमे ने एक महीने के वेतन के बराबर बोनस की मांग की थी।
सभी विभाग प्रमुखों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश।
Nashik Municipal Corporation Contract Workers Bonus: नासिक महानगरपालिका के ठेका कर्मचारियों को भी दिवाली बोनस मिलेगा। मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने ठेकेदारों और विभाग प्रमुखों को नियमानुसार पात्र कर्मचारियों को 8.33 प्रतिशत बोनस दिलाने के निर्देश दिए हैं। यह मांग उपमहापौर बंटी तिदमे ने उठाई थी।
नासिक में दिवाली पर नासिक महानगरपालिका के ठेका कर्मचारियों को भी बोनस मिलने का रास्ता साफ हुआ है। मनपा आयुक्त मनीषा खत्री ने ठेकेदारों को निर्देश दिए हैं कि उनके माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार बोनस का भुगतान किया जाए। साथ ही, सभी विभाग प्रमुखों को इस प्रक्रिया पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी पात्र कर्मचारी बोनस से वंचित न रहे।
इससे पहले शिंदे सेना के उपमहापौर और महानगर प्रमुख बंटी तिदमे ने आयुक्त मनीषा खत्री को पत्र सौंपकर ठेका पद्धति से काम करने वाले कर्मचारियों को दिवाली पर एक महीने के वेतन के बराबर बोनस देने की मांग की थी।
इस मांग पर संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने मनपा प्रशासन के नियमों और ठेकेदारों की जिम्मेदारी स्पष्ट की। निर्देशों के अनुसार, संबंधित विभागों को अपने यहां कार्यरत ठेका कर्मचारियों की पात्रता पर ध्यान देते हुए बोनस भुगतान सुनिश्चित करना होगा।
मनपा प्रशासन के अनुसार, ठेका पद्धति से काम देते समय न्यूनतम वेतन कानून सहित संबंधित श्रम नियमों का पालन करना जरूरी है। नियमानुसार पात्र ठेका कर्मचारियों को 8.33 प्रतिशत बोनस दिए जाने का प्रावधान है।
मनपा की ओर से ठेकेदारों को किए जाने वाले भुगतान में कर्मचारियों के वेतन के साथ बोनस की राशि भी शामिल होती है। ऐसे में पात्र कर्मचारियों को बोनस देना संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी है।
आयुक्त मनीषा खत्री ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभागों में ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के बोनस भुगतान की निगरानी करें। प्रशासन का उद्देश्य है कि नियमानुसार पात्र कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके।
अब ठेकेदारों की ओर से बोनस भुगतान और विभागों की निगरानी पर नजर रहेगी।