KDMC में शिंदे गुट को समर्थन पर बवाल, उद्धव बोले-मनसे नेताओं ने गलत फैसला लिया
Maharashtra: कल्याण-डोंबिवली मनपा में शिंदे गुट को मनसे के समर्थन पर उद्धव ठाकरे ने नाराज़गी जताई है। उन्होंने इसे गलत निर्णय बताया और शिवसेना (यूबीटी) के नगरसेवकों को विपक्ष में बैठने का भरोसा दिया।
- Written By: अपूर्वा नायक
उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Kalyan Dombivli News In Hindi: कल्याण-डोंबिवली मनपा (केडीएमसी) में शिंदे गुट को मनसे के समर्थन देने के फैसले पर शिवसेना (यूबीटी) के पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मनसे नेताओं का यह फैसला गलत है।
यदि ठाकरे गुट और मनसे साथ होते तो वहां मजबूत विपक्षी दल होता। लेकिन मनसे के स्थानीय नेताओं ने गलत निर्णय लिया है। केडीएमसी के ठाकरे गुट के नगरसेवकों ने गुरुवार को उद्धव से मुलाकात की। इस बैठक में नगरसेवकों ने उन्हें मौजूदा राजनीतिक हालात के बारे में जानकारी दी।
नगरसेवकों ने पूछा कि ऐसी स्थिति में जब दोनों तरफ से संपर्क हो रहे हैं और अलग-अलग प्रस्ताव रखे जा रहे हैं, तो हमारा रोल क्या होना चाहिए, इस पर उद्धव ने नगरसेवकों को भरोसा दिलाया कि हमें विपक्ष में बैठना चाहिए।
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केडीएमसी की हर गतिविधियों पर नजर
वे केडीएमसी की हर राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। हम भले ही हम विपक्ष में हैं, लेकिन एक पार्टी के तौर पर हम पूरी कोशिश करेंगे कि आपके साथ इज्जत से पेश आया जाए, कोई भी प्रस्ताव आए, फ़ैसला पार्टी लेवल पर ही लिया जाएगा। उन्होंने मनसे के स्थानीय नेताओं की भूमिका पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि मनसे और ठाकरे गुट के सभी नगरसेवक एक साथ रहते तो केडीएमसी में एक मजबूत विपक्षी गुट बन जाता।
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मनसे के स्थानीय नेताओं ने खो दी विश्वसनीयता
मनसे का लिया गया फैसला गलत है और इससे बचना चाहिए था। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने कहा कि शिंदे गुट को समर्थन देने का फैसला मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने नहीं लिया है।
मनसे के स्थानीय नेताओं ने अपनी विश्वसनीयता खो दी है। इधर मनसे नेता बाला नांदगांवकर ने कहा कि ठाकरे गुट और मनसे का गठबंधन है। केडीएमसी का फैसला स्थानीय स्तर के पार्टी नेताओं ने स्थितियों के अनुरूप लिया है।
कुछ मनपा में भाजपा और कांग्रेस साथ आए हैं। उन्होंने ठाकरे गुट की नगरसेविका किशोरी पेडणेकर द्वारा मुंबई के महापौर के आरक्षण को लेकर जताई गई आपत्ति का समर्थन किया है।
