Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

भाजपा में हाथापाई तक पहुंची बात! दिग्गजों के सामने भिड़े नेता, बोले- जिले का फैसला ‘बाहरी’ नेता क्यों करेंगे?

BJP Internal Conflict: गड़चिरोली की राजनीति में बाहरी नेताओं का 'रिमोट कंट्रोल'। बंटी भांगड़िया और वडेट्टीवार के हस्तक्षेप से भाजपा-कांग्रेस में बगावत के सुर। स्थानीय कार्यकर्ता नाराज।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Jan 23, 2026 | 12:19 PM

भाजपा में विवाद (सौजन्य-सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Gadchiroli Politics: गड़चिरोली जिले में हाल ही में संपन्न नप के उपाध्यक्ष, सभापति तथा स्वीकृत सदस्य पदों के चुनाव स्थानीय स्वशासन का उत्सव बनने के बजाय जिला-बाहरी नेताओं के खुले हस्तक्षेप का प्रदर्शन बनकर रह गए। इसके कारण विशेष रूप से भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में स्थानीय पदाधिकारियों के बीच असंतोष फैल गया है और आंतरिक गुटबाजी को बल मिला है।

नगराध्यक्ष पद की उम्मीदवारी हो या उपाध्यक्ष, स्वीकृत सदस्य और सभापति पदों का बंटवारा, हर निर्णय स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय से अधिक बाहरी नेताओं की बैठकों और निर्देशों पर आधारित रहा, ऐसी चर्चा अब दबे स्वर में नहीं बल्कि खुलेआम हो रही है। गड़चिरोली जैसे जिले में जहां स्थानीय मुद्दों, सामाजिक समीकरणों और कार्यकर्ताओं की नब्ज समझने वाले नेता मौजूद हैं, उन्हें जानबूझकर हाशिये पर डाल दिया गया।

स्थानीय नेतृत्व केवल नाममात्र का रह गया, जबकि वास्तविक नियंत्रण जिला-बाहरी विधायकों और नेताओं के हाथों में रहा। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि, क्या दलों के भीतर लोकतंत्र शेष रहा है या नहीं।

सम्बंधित ख़बरें

नासिक में स्कूली छात्रा से यौन शोषण, धमकी और वीडियो के जरिए ‘ब्लैकमेलर’, पीड़िता ने मांगी मदद

अमरावती में 20 करोड़ का सराफा घोटाला, नकदी और गहने लेकर व्यापारी भागा, महिलाओं घेरा थाना

आदिवासियों का महाकुंभ: 30 जनवरी से शुरू होगी कचारगड़ यात्रा, CCTV और बैरिकेड्स से लैस होगा पूरा परिसर

अकोला के बाद अमरावती में BJP-AIMIM का गठबंधन! नगराध्यक्ष ने मंत्री बावनकुले को लिखा पत्र, जानिए क्या है सच्चाई

बंटी भांगड़िया के हस्तक्षेप से खुला असंतोष

भाजपा के चिमूर के विधायक बंटी भांगड़िया के हस्तक्षेप से असंतोष भड़कता दिखाई दे रहा है। उम्मीदवारी से लेकर सत्ता गठन की प्रक्रिया तक उनकी राय को प्राथमिकता दिए जाने से गड़चिरोली के स्थानीय नेता, नगरसेवक और जिला अध्यक्ष गहरी असहजता महसूस कर रहे हैं। पार्टी विस्तार के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर बाहरी ताकतों को केंद्र में रखने से भाजपा के भीतर आंतरिक संघर्ष और तीव्र हो गया है।

वडेट्टीवार की भूमिका पर बगावत की चिंगारी

कांग्रेस में भी स्थिति अलग नहीं है। ब्रह्मपुरी के विधायक विजय वडेट्टीवार के हस्तक्षेप के कारण कांग्रेस के भीतर के मतभेद सतह पर आ गए हैं। पदों के वितरण और स्वीकृत सदस्यों के चयन में उनके शब्द को अंतिम मान दिए जाने से जिला-स्तरीय नेतृत्व के अपमान की भावना पनपी है। इससे कांग्रेस में दबा हुआ असंतोष अब खुली बगावत की दिशा में बढ़ता दिख रहा है।

गुटबाजी को उफान

दोनों दलों के जिला अध्यक्ष इस पूरी प्रक्रिया से अत्यंत नाराज बताए जा रहे हैं और निर्णय प्रक्रिया से जानबूझकर दूर रखे जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इसी नाराजगी से दलों में गुटबाजी को खाद-पानी मिला है और एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक चालें चलने की चर्चा है। फिलहाल यह गुटबाजी दबाई हुई है, लेकिन कभी भी विस्फोटक रूप ले सकती है।

जिप चुनावों पर गंभीर प्रभाव

नगरपालिका चुनावों में उत्पन्न यह आंतरिक कलह आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में दोनों दलों के लिए घातक साबित हो सकती है। नाराज नेता, निष्क्रिय कार्यकर्ता और छिपा हुआ विरोधी राजनीतिक खेल इन सबका सीधा नुकसान भाजपा और कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर एकजुटता न होने पर सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

बाहरी हस्तक्षेप या दलों की आत्मघाती नीति?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जिला-बाहरी नेताओं का अत्यधिक हस्तक्षेप अल्पकाल में सत्ता समीकरण साधने में सहायक हो सकता है, लेकिन दीर्घकाल में यह दलों के लिए आत्मघाती सिद्ध होता है। गड़चिरोली में जो कुछ हो रहा है, वह स्थानीय नेतृत्व की घुटन और कार्यकर्ताओं के विश्वासघात का जीवंत उदाहरण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें – अखबार ने उठाया सवाल…तो बाल ठाकरे ने ऑफिस में भिजवा दिया अपना चांदी का सिंहासन! पढ़िए पूरा किस्सा

स्थानीय नेतृत्व को न्याय न मिला तो सत्ता का रास्ता कठिन गड़चिरोली जैसे संवेदनशील जिले में राजनीति को ‘रिमोट कंट्रोल’ से चलाने का प्रयास किया गया तो उसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे, यह अब स्पष्ट है। यदि दोनों दलों ने समय रहते सबक नहीं लिया, तो आने वाले चुनाव स्थानीय कार्यकर्ताओं के आक्रोश को अभिव्यक्त करने वाला रणक्षेत्र बन सकते हैं।

आंतरिक विवाद से हाथापाई की घटना…

बाहरी नेताओं के हस्तक्षेप के कारण गड़चिरोली नप की विषय समितियों के सभापति पद के चयन को लेकर भाजपा में आंतरिक संघर्ष इतना तीव्र हो गया कि वह निचले स्तर की तीखी बहस से आगे बढ़ते हुए हाथापाई तक जा पहुंचा। इस घटनाक्रम में विधायक डा. मिलिंद नरोटे और पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष के बीच गंभीर मतभेद खुलकर सामने आए।

विशेष रूप से उल्लेखनीय यह है कि, यह पूरा घटनाक्रम भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में घटित हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद के पीछे बाहरी नेताओं का हस्तक्षेप ही मुख्य कारण माना जा रहा है, जिससे स्थानीय नेतृत्व में असंतोष और टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई।

  • नवभारत लाइव पर गड़चिरोली से सुरेश नगराले की रिपोर्ट

Gadchiroli politics bjp congress internal conflict bunty bhangadiya vijay wadettiwar

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 23, 2026 | 12:19 PM

Topics:  

  • BJP
  • Gadchiroli
  • Gadchiroli News
  • Maharashtra
  • Maharashtra Local Body Elections

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.