पत्रीपुल इलाके में भारी पुलिस बंदोबस्त, कुर्बानी विवाद पर बढ़ी सियासी और सामाजिक हलचल
Kalyan Bakrid Qurbani Row: कल्याण के पत्रीपुल इलाके में बकरीद पर सोसायटी परिसर में कथित कुर्बानी को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। सोसायटी पदाधिकारियों समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- Written By: अपूर्वा नायक
कल्याण बकरीद विवाद (सौ. सोशल मीडिया )
Kalyan Bakrid Qurbani Row News: कल्याण के पत्रीपुल इलाके में आवासीय सोसायटियों के अंदर बकरा ईद की कुर्बानी को लेकर गुरुवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। जिसको देखते हुए प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया।
जिससे यह क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद सोसायटी परिसर में बकरों की कुर्बानी करना कुछ लोगों को भारी पड़ गया। कल्याण के पत्रीपुल स्थित सर्वोदय सृष्टि सागर कॉम्प्लेक्स में कथित रूप से कुर्बानी किए जाने के मामले में बाजारपेठ पुलिस ने सोसायटी के सेक्रेटरी, चेयरमैन समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
इसके पहले कल्याण के ऐतिहासिक दुर्गाड़ी किला परिसर में हर साल की तरह इस साल भी हिन्दुत्ववादी संगठनों ने सरकार और प्रशासन की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया, इस दौरान शिवसेना शिंदे और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट एवं भाजपा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे।
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6 लोगों पर मामला दर्ज
वहीं भाजपा नगरसेवक महेश पाटिल को पुलिस ने प्रदर्शन से पहले ही हिरासत में ले लिया। जिसकी वजह से कुछ देर के लिए दुर्गाडी किला परिसर में तनाव का वातावरण देखा गया। पुलिस आयुक्त आशुतोष डुबरे के मार्गदर्शन में तैनात किए गए पुलिस बल की सूझ बूझ की वजह से किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
मुस्लिमों के महत्वपूर्ण त्योहार बकरीद के दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सुबह से ही पत्रीपुल इलाके की कई आवासीय सोसायटियों में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था प्रशासन की ओर से स्पष्ट रूप से सोसायटी परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की कुर्बानी पर रोक लगाई गई थी।
इसके बावजूद सर्वोदय सृष्टि सागर कॉम्प्लेक्स में कथित तौर पर बकरों की कुर्बानी किए जाने की शिकायत सामने आई। मामले की जानकारी मिलते ही बाजारपेठ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोसायटी के सेक्रेटरी सलीम शेख, चेयरमैन शब्बीर मेमन, उस्मान उमर और उनके चार अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया, बकरीद के दौरान पत्रीपुल इलाके की कुछ सोसायटियों में कुर्बानी को लेकर पहले से ही विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
सरकार की नीतियों का विरोध
- पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन यह कदम उठाया गया। पुलिस का दावा है कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पूरे दिन पुलिस की निगरानी बनी रही। हालांकि, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
- दुर्गाडी किले में हिंदू धर्मावलंबियों ने शासन और प्रशासन की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। दुर्गाडी किले में स्थित दुर्गा माता मंदिर के पीछे ईदगाह है। हर वर्ष ईद के मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग यहां नमाज अदा करते हैं। नमाज के दौरान प्रशासन की ओर से मंदिर का घंटा बांध दिया जाता है और कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जाती है। इसी मुद्दे को लेकर धर्मवीर आनंद दिघे ने आंदोलन शुरू किया था।
पुलिस के निर्णय से मुस्लिम समाज में नाराजगी
मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने पुलिस की रोक पर नाराजगी जताई थी, जबकि पुलिस प्रशासन का कहना था कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन यह निर्णय लिया गया था। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए सोसायटी परिसरों के अंदर कुर्बानी पर रोक लगा दी, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने नाराजगी जताई।
सर्वोदय सृष्टि और रहेजा कॉम्प्लेक्स सहित उन आवासीय परिसरों में भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया था, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। इस फैसले के बाद स्थानीय मुस्लिम
रहिवासियों में रोष देखने को मिला।
रहिवासियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से सोसायटी परिसर में शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से कुर्बानी की परंपरा निभाते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि इस बार अचानक पुलिस द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने और भारी पुलिस बल तैनात किए जाने से लोगों में असमंजस और नाराजगी का माहौल बन गया।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले कभी इस तरह की पाबंदी नहीं लगाई गई थी। उनका कहना है कि हर वर्ष त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जाता रहा है, ऐसे में इस बार प्रशासन के रुख ने लोगों को चौंका दिया।
