बैठक में मौजूद मंत्री गिरीश महाजन व अन्य (सोर्स: सोशल मीडिया)
Girish Mahaja Review Meeting: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पानी की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘कालु बांध’ (Kalu Dam) परियोजना को अब नई गति मिलने वाली है। मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना ठाणे जिले के लिए जीवनरेखा साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी लंबित प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें ताकि काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके।
बैठक में यह बात सामने आई कि परियोजना से प्रभावित होने वाले 11 गांवों ने विरोध दर्ज कराया था, जबकि 7 गांवों में अब तक ग्राम सभाएं आयोजित ही नहीं की गई हैं। इस पर मंत्री महाजन ने ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकता के आधार पर इन गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित करें और ग्रामीणों की राय व चिंताओं को सुनें।
📍 मंत्रालय, मुंबई काळू धरणाने बाधित असलेल्या प्रकल्पग्रस्त शेतकऱ्यांच्या पुनर्वसन व पर्यायी जमीन हस्तांतरणाच्या मुद्द्यावर आज मंत्रालयातील दालनात बैठक घेतली. या बैठकीच्या माध्यमातून संबंधित अधिकाऱ्यांना आवश्यक सूचना दिल्या. यावेळी आमदार श्री. किसन कथोरे यांच्यासह विभागाचे… pic.twitter.com/0HjMVF2ony — Girish Mahajan (@girishdmahajan) March 10, 2026
इस प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वालों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए गिरीश महाजन ने कहा कि सरकार उन्हें उचित मुआवजा देने और पात्र व्यक्तियों को सरकारी नौकरी के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह सकारात्मक है। उन्होंने जमीन की पैमाइश (Land Survey) जैसे तकनीकी कार्यों को भी युद्धस्तर पर निपटाने को कहा है।
मुरबाड तालुका में कालु नदी पर बनने वाला यह बांध केवल एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि यह मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की भविष्य की जल सुरक्षा है। इस बांध से ठाणे शहर, भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली, अंबरनाथ और बदलापुर क्षेत्रों को सीधा लाभ होगा।
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बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए, यह बांध आने वाले दशकों में पानी की किल्लत को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है। बैठक में विधायक किसन कथोरे, रवींद्र चव्हाण और अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कपूर भी मौजूद रहे। शासन का लक्ष्य है कि समन्वय के साथ काम करते हुए इस प्रोजेक्ट की देरी को खत्म किया जाए।