Traffic Advisory (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ambarnath News: हाजी मलंगवाड़ी स्थित सूफी पीर हाजी मलंग बाबा के उर्स के अवसर पर दरगाह की ज़ियारत के लिए हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए हिललाइन पुलिस स्टेशन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष योजना तैयार की है। पालकी और संदल के दिन भारी भीड़ की आशंका तथा इस वर्ष शुरू हुई फ्यूनिकुलर रोपवे सेवा और मलंगगढ़ की सीमित क्षमता को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने 2 फरवरी को कुछ घंटों के लिए रोपवे और यातायात पर प्रतिबंध लागू किए हैं।
उल्हासनगर परिमंडल-4 के पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करने की अपील की है। अंबरनाथ तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हाजी मलंगवाड़ी में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पीर हाजी मलंग बाबा का उर्स शरीफ गुरुवार से प्रारंभ हुआ है और 7 फरवरी को इसका समापन होगा। उर्स, संदल और पालकी यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। मुख्य कार्यक्रम 2 फरवरी दोपहर 12 बजे से 3 फरवरी सुबह 6 बजे तक चलेगा।
प्रशासन के अनुसार, मलंगगढ़ में एक समय में केवल 8 से 10 हजार श्रद्धालुओं के प्रवेश की क्षमता है। इस वर्ष फ्यूनिकुलर रोपवे सेवा शुरू होने से पहाड़ पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि की संभावना जताई गई है। इसी कारण भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार 2 फरवरी को विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे। इसके तहत पहाड़ तक जाने के लिए फ्यूनिकुलर रोपवे सेवा सुबह 8:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक ही संचालित होगी। शाम 4 बजे के बाद पहाड़ पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि उतरने के लिए रोपवे सेवा अगले तीन घंटे तक उपलब्ध रहेगी।
यातायात नियंत्रण के तहत वावांजे गांव से मलंगगढ़ की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहन (आवश्यक सेवाओं को छोड़कर) पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। पहाड़ के नीचे निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था की गई है, जहां से श्रद्धालुओं के लिए विशेष बस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जोशी बाग क्षेत्र में भी आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस प्रशासन, यातायात विभाग और संबंधित एजेंसियां पूरे आयोजन के दौरान समन्वय से कार्य करेंगी। प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि नियमों का पालन होने पर यह पवित्र उर्स शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भक्तिमय वातावरण में संपन्न होगा।
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उल्हासनगर परिमंडल-4 पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने कहा कि हर धर्म और मजहब के लोगों के लिए हाजी मलंग बाबा का उर्स आस्था, परंपरा और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। पुलिस प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं कि लाखों श्रद्धालु सुरक्षित रूप से दर्शन कर सकें। मलंगगढ़ की सीमित क्षमता और पालकी यात्रा के दिन संभावित भारी भीड़ को देखते हुए अस्थायी प्रतिबंध आवश्यक थे। हमें विश्वास है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न होगा।