Navi Mumbai News: गणेश नाईक का दावा – Navi Mumbai में महापौर केवल BJP का ही बनेगा
हाल ही में वन मंत्री गणेश नाईक ने नवी मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि नवी मुंबई महानगरपालिका में महापौर BJP की ही होगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
गणेश नाईक (सौ. सोशल मीडिया )
Navi Mumbai News In Hindi: नवी मुंबई महानगर पालिका चुनाव में महायुति हो या न हो लेकिन यह बात एकदम तय है कि किसी भी कीमत पर नवी मुंबई में महापौर भाजपा का ही रहेगा।
वन मंत्री गणेश नाईक ने नवी मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में एक दौरान यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि नवी मुंबई की जनता या महाराष्ट्र की जनता को यह बताने की जरूरत नहीं है कि नवी मुंबई में किसका वर्चस्व है।
पता हो कि नवी मुंबई में महापौर बनाने के लिए एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने भी जोरशोर से तैयारी शुरू की है। इसके लिए शिंदे सेना ने नवी मुंबई में ऑपरेशन धनुष बाण चलाकर बड़ी संख्या में पूर्व नगरसेवकों को अपनी पार्टी में शामिल कर नवी मुंबई में पार्टी को मजबूत करने का काम किया है।
सम्बंधित ख़बरें
स्कूल बस संचालकों ने मांगी सरकारी सब्सिडी, सिंगल शिफ्ट सिस्टम लागू करने की अपील
US-ईरान तनाव का असर नवी मुंबई एयरपोर्ट पर, फिर टल सकती है इंटरनेशनल फ्लाइट्स की शुरुआत
Y2K Fashion Return: साल 2000 के मिलेनियल फैशन ट्रेंड, जो है Gen-z का नया स्टाइल स्टेटमेंट
Meditation Tips: तनाव दूर करने के लिए इन 5 तरीकों से करें मेडिटेशन, मन रहेगा शांत और फोकस होगा बेहतर
महायुति में वर्चस्व की लड़ाई और हुई तेज
गणेश नाईक ने नवी मुंबई में विभिन्न मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाया है और शिंदे पर सीधा निशाना साधना शुरू कर दिया है। नाईक ने बयान दिया कि अगर भाजपा को ठाणे में सत्ता में आना है, तो अहंकारी रावण का दहन करना होगा। इस मौके पर इस बात पर भी चर्चा हुई कि उन्होंने 10 मुख वाले रावण की उपमा किसे दी। गणेश नाईक की आलोचना के बाद, जिले में एकनाथ शिंद की शिवसेना भी काफी आक्रामक हो गई है और ठाणे के सांसद नरेश म्हस्के ने भी गणेश नाईक को कड़ा जवाब दिया है।
ये भी पढ़ें :- Mumbai News: निजी नमक खेतों पर अतिक्रमण – सैटेलाइट सर्वेक्षण और शिकायतों की होगी जांच
हालांकि, इससे ठाणे और नवी मुंबई में शिवसेना-भाजपा गठबंधन पर सवालिया निशान लगाए जा रहे हैं, कुछ दिन पहले डीसीएम एकनाथ शिंद के नेतृत्व में एक सभा आयोजित की गई थी। जिसमें शिवसेना के उदय सामंत ने चेतावनी दी थी कि हम दूसरों के मामलों में दखल नहीं देते, लेकिन अगर कोई दादागिरी करके हमारे मामले में दखलअंदाजी करेगा, तो हम उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
