Tushar Apte Resignation:बदलापुर नगर परिषद (सोर्सः सोशल मीडिया)
Badlapur Municipal Council: ठाणे जिले की कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद की शुक्रवार को हुई विशेष बैठक में भाजपा ने 2024 के बालिका दुष्कर्म जैसे अतिसंवेदनशील मामले के सह-आरोपी तुषार आप्टे को मनोनीत नगरसेवक पद के लिए उम्मीदवार बनाया और उन्हें निर्वाचित भी कराया। भाजपा के टिकट पर तुषार आप्टे की नियुक्ति के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीव्र विरोध शुरू हो गया।
राज्य स्तर पर पार्टी की भारी किरकिरी होने के बाद अंततः नगरसेवक बनने के 24 घंटे के भीतर ही तुषार आप्टे को अपने मनोनीत पार्षद पद से इस्तीफा देना पड़ा।स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में तुषार आप्टे ने कहा कि उन्होंने यह इस्तीफा इसलिए दिया है ताकि जिस संगठन में वे पदाधिकारी हैं और स्वयं भाजपा को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह इस्तीफा उन्होंने स्वेच्छा से दिया है।
गौरतलब है कि कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद के चुनाव दिसंबर माह में हुए थे, जिनमें भाजपा ने अध्यक्ष पद सहित कुल 22 सीटें जीती थीं, जबकि उसके सहयोगी अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को तीन सीटें मिली थीं। इस तरह बदलापुर में भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ। शुक्रवार को हुई विशेष बैठक में अनुमोदित सदस्यों की नियुक्ति की गई थी, जिसमें तुषार आप्टे भी शामिल थे।
अगस्त 2024 में बदलापुर पूर्व स्थित एक प्रसिद्ध स्कूल में पढ़ने वाली दो मासूम स्कूली बच्चियों के साथ स्कूल के ही एक कर्मचारी द्वारा घृणित कृत्य किए जाने का मामला सामने आया था। घटना की जानकारी होने के बावजूद समय पर शिकायत दर्ज नहीं कराने के आरोप में स्कूल प्रशासन के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इस प्रकरण में तत्कालीन सचिव तुषार आप्टे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, हालांकि उन्हें दो दिनों के भीतर जमानत मिल गई थी। इस घटना के बाद बदलापुर शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला था।
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भाजपा द्वारा पार्टी के लिए किए गए कार्यों को आधार बनाकर तुषार आप्टे को मनोनीत नगरसेवक बनाए जाने पर मीडिया और विभिन्न राजनीतिक दलों ने गंभीर सवाल उठाए। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राउत ने इस नियुक्ति की कड़ी आलोचना की, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अविनाश जाधव ने बदलापुर में आंदोलन की चेतावनी दी थी। अंततः शनिवार को, 24 घंटे के भीतर ही तुषार आप्टे ने नगर परिषद के मुख्याधिकारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।