Navi Mumbai से मीरा-भाईंदर तक, भाजपा-शिवसेना में बढ़ी चुनावी खींचतान
Thane District की 6 मनपाओं में महायुति का तालमेल टूटता दिख रहा है। भाजपा और शिवसेना आमने-सामने हैं, जबकि नवी मुंबई, मीरा-भाईंदर और ठाणे में नेताओं ने अपनी-अपनी रणनीति तेज कर दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
ठाणे मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Local Body Election: जिले की 2 नगर पंचायतों के चुनाव में महायुति की प्रमुख घटक दलों भाजपा एवं शिवसेना के बीच तालमेल नहीं बन पाया है, इसी तरह महानगर पालिकाओं के चुनाव में भी शिवसेना-भाजपा का मुकाबला देखने को मिल सकता है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना एवं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के बीच युति की संभवनाओं को देखते हुये मुंबई मनपा सहित अन्य स्थानीय निकायों के चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने महाविकास आघाड़ी से अलग होकर चुनाव मैदान में उतरने का संकेत दिया है।
ठाणे शहर सहित पूरे जिले को राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ माना जाता है। शिंद के साथ ठाणे मनपा क्षेत्र के विधायक प्रताप सरनाईक को भी इस बार मंत्री पद दिया गया है। जबकि भाजपा ने केवल गणेश नाईक को मंत्री पद दिया है।
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जिले में शिवसेना की ताकत होने के बावजूद शिंदे बनाम नाईक जैसी जुबानी जंग देखने को मिल रही है। मंत्री नाईक ने उपमुख्यमंत्री शिंदे के निर्वाचन क्षेत्र ठाणे के साथ ही सरनाईक के विधानसभा क्षेत्र भाईंदर में भी जनता दरबार लगाना शुरू कर दिया है।
ठाणे जिले में ठाणे, कल्याण डोंबिवली, मीरा-भाईंदर, नवी मुंबई, भिवंडी, उल्हासनगर कुल 6 मनपा हैं। शिवसेना ने ठाणे पर अपना ध्यान केंद्रित कर लिया है। वहीं विधायक संजय केलकर ने भाजपा के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
भाजपा के मतदाताओं में वृद्धि होने का दावा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने संकेत दिया है कि ठाणे में शिवसेना स्वतंत्र रूप से और पुणे में राकांपा अपने दम पर चुनाव लड़ सकती है। इस तरह देखा जाय तो ठाणे, नवी मुंबई, मीरा-भाईंदर, कल्याण डोंबिवली महानगर पालिकाओं में भाजपा और शिवसेना के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।
ठाणे में शिवसेना शिंदे गुट के पास सबसे अधिक पार्षद हैं, जबकि पिछले चुनाव में भाजपा के पास 23 नगरसेवक निर्वाचित हुए थे। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा के मतदाताओं की संख्या में वृद्धि का दावा करते हुए, भाजपा के बन मंत्री गणेश नाईक व ठाणे के विधायक संजय केलकर खुद की ताकत पर मैदान में उत्तरने का हुंकार भर रहे हैं।
ठाणे की तरह नवी मुंबई और मीरा-भाईंदर में भाजपा का अधिक प्रभुत्व है। कल्याण-डोंबिवली में पहली बार पैनल पद्धति से चुनाव हो रहे हैं और पिछले चुनाव भी अलग-अलग लड़े गए थे। चुनाव के बाद दोनों के बीच युति हुई थी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने कल्याण में भी यही फार्मूला लागू करने का आग्रह किया है। तर्क दिया जा रहा है कि पार्टी बढ़ेगी और असंतुष्ट कार्यकर्ता और मतदाता अन्य दलों में नहीं जाएंगे।
नवी मुंबई में गणेश नाईक का दबदबा
नवी मुंबई में गणेश नाईक का दबदबा है। मीरा भाईंदर में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने कमर कस ली है। कल्याण-डोंबिवली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण का होमटाउन है। जबकि उल्हासनगर में भाजपा के कुमार आयलानी विधायक हैं।
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जिसको देखते हुए भाजपा ने इन सभी महानगरपालिकाओं में सत्ता हासिल करने की कोशिश शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ शिवसेना ने ठाणे की जिम्मेदारी नरेश म्हस्के को दी है और कल्याण डोंबिवली के लिए, श्रीकांत शिंदे खुद मैदान में हैं। मंत्री प्रताप सरनाईक मीरा भायंदर पर नजर रख रहे हैं। इसलिए शिवसेना ने भी इन सभी महानगर पालिकाओं में अपनी पार्टी के लिए रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है।
