टीईटी पेपर लीक मामले में अब तक 12 गिरफ्तार, ACP विजय मराठे ने खोला मोडस ऑपरेंडी का राज
महाराष्ट्र TET Paper Leak मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ACP विजय मराठे ने खुलासा किया कि प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारियों ने मात्र ₹8,000 में पेपर लीक किया था।
- Written By: गोरक्ष पोफली
TET पेपर लीक मामले पर एसीपी मराठे का बयान (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra TET Paper Leak Update: देश में NEET पेपर लीक को लेकर मचे घमासान के बीच, महाराष्ट्र TET के पेपर लीक मामले ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घोटाले के सामने आने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश है और वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज है और शिक्षा मंत्री दादा भुसे के इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, ठाणे पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है।
ACP विजय मराठे ने इस पूरे मामले की मोडस ऑपरेंडी का खुलासा करते हुए मीडिया को बताया कि अब तक इस जांच में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की जांच में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, वह यह है कि पेपर किसी बाहरी गिरोह ने सेंध लगाकर नहीं, बल्कि प्रिंटिंग प्रेस के अंदर काम करने वाले कर्मचारियों की मिलीभगत से लीक किया गया था। यह सीधे तौर पर उस व्यवस्था में सेंधमारी है जिसे सबसे सुरक्षित माना जाता है।
मात्र ₹8,000 में हुआ सौदा और भविष्य का ‘वादा’
हजारों उम्मीदवारों के भविष्य के साथ किए गए इस खिलवाड़ की कीमत जानकर हर कोई हैरान है। ACP मराठे के अनुसार, पुलिस जांच में अब तक केवल ₹8,000 के वित्तीय लेनदेन की पुष्टि हुई है। यह राशि उस आरोपी को दी गई थी जिसने प्रेस से गोपनीय पेपर बाहर निकाला था। हालांकि, यह केवल शुरुआती भुगतान था, आरोपी को इसके बदले में भविष्य में और भी बड़ी रकम या अन्य लाभ देने का वादा किया गया था। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इस सौदे के पीछे मुख्य फाइनेंसर कौन है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर मनपा अब होगी और हाई-टेक: अदालती मामलों की निगरानी के लिए जल्द लागू होगा e-CMS सिस्टम, HC में दी जानकारी
100 साल में तीसरा सबसे सूखा जून: 75% जिलों में कम बारिश, महाराष्ट्र में खरीफ फसलें प्रभावित; पुणे में जल संकट
नागपुर में अवैध धंधों पर पुलिस-मनपा का ज्वाइंट एक्शन; स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में हटेंगे अतिक्रमण
PMRDA का सबसे बड़ा बुलडोजर एक्शन: मोई गांव में 680 अवैध टीन शेड ध्वस्त, भू-माफियाओं में हड़कंप
#WATCH | Thane, Maharashtra: On the TET paper leak, Assistant Commissioner of Police (ACP) Vijay Marathe says, “So far, 12 accused individuals have been arrested in the TET paper leak case. Regarding the specific accused who leaked the paper from the printing press, a financial… pic.twitter.com/1uNTXeO0ug — ANI (@ANI) July 15, 2026
भिवंडी में पुलिस का ट्रैप ऑपरेशन: डमी ग्राहक बनकर दबोचा
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। ACP विजय मराठे ने स्पष्ट किया कि भिवंडी में वास्तव में पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध तत्व पेपर बेचने के लिए भिवंडी पहुंचने वाले हैं।
इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने खुद डमी ग्राहक तैयार किए और उन्हें आरोपियों से संपर्क करने के लिए भेजा। पुलिस के इन डमी ग्राहकों ने आरोपियों को अपने जाल में फंसाया और जैसे ही वे पेपर का सौदा करने के लिए भिवंडी आए, पुलिस ने जाल बिछाकर उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
यह भी पढ़ें: शरद पवार कभी इधर जाते हैं, कभी उधर, परिसीमन बिल पर सुप्रिया सुले के बयान से भड़की कांग्रेस
सख्त कार्रवाई का भरोसा
सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तेज जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। छात्रों की नाराजगी को देखते हुए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। ACP विजय मराठे ने आश्वस्त किया है कि जांच अभी जारी है और गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस गिरोह की अन्य कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महाराष्ट्र TET पेपर लीक के इस खुलासे ने एक बार फिर परीक्षाओं की गोपनीयता और प्रिंटिंग प्रेस की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावक और छात्र अब यह मांग कर रहे हैं कि न केवल छोटे प्यादों, बल्कि इस पूरे रैकेट के पीछे छिपे सफेदपोश चेहरों को भी बेनकाब किया जाए।
