
भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
Bhiwandi Municipal Corporation Mayor Election: ठाणे जिले की भिवंडी महानगरपालिका में महापौर चुनाव होने की तारीख अभी निश्चित नहीं हुई है। चुनाव जीतने वाले राजनीतिक दल कोंकण विभागीय आयुक्त के समक्ष गुट बनाकर महापौर चुनाव की व्यूह रचना में जुट गए हैं। चुनाव में सर्वाधिक 30 नगरसेवकों को जिताकर कांग्रेस, सपा विधायक रईस शेख के दम पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की मदद से भिवंडी का महापौर बनाए जाने की कसरत कर रही है।
भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका के चुनावी नतीजों के बाद शिवसेना, भाजपा, सपा, कोणार्क विकास आघाड़ी, भिवंडी विकास मंच भी साम-दाम-दंड की राजनीति अपनाकर महापौर पद पर कब्जा के मंसूबे को लेकर रस्साकशी कर रही हैं। इसके लिए अंदरखाने बातचीत तेज हो गई है।
गौरतलब हो कि 90 नगरसेवकों वाली भिवंडी महानगरपालिका में राजनीतिक दलों ने महापौर चुनाव प्रक्रिया के अनुसार, कोंकण विभागीय आयुक्त कार्यालय में गुट रजिस्टर की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। भिवंडी मनपा चुनाव में कांग्रेस 30, भाजपा 22, शिवसेना 12, राष्ट्रवादी 12, समाजवादी 6, कोणार्क विकास आघाड़ी 4, भिवंडी विकास आघाड़ी 3 सहित 1 निर्दलीय नगरसेवक ने जीत दर्ज की है।
सपा विधायक रईस शेख द्वारा मनपा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के जोरदार प्रचार का फायदा कांग्रेस उम्मीदवारों को मिला। टिकट बंटवारे से नाराज विधायक शेख की बेरुखी से सपा 6 नगरसेवकों पर ही सिमट गई है।
कांग्रेस पार्टी से चुनाव जितने वाले भिवंडी मनपा मेयर रह चुके अनुभवी नेता जावेद दलवी को भिवंडी शहर के विकास में अहम योगदान देने का भारी श्रेय जाता है। शिवसेना से तुषार चौधरी भी महापौर रह चुके हैं। भिवंडी मनपा के इतिहास में भाजपा का कोई महापौर नहीं बन सका। 2026 में भाजपा शिवसेना, सपा, भिवंडी विकास मंच पूर्व मेयर जावेद दलवी को जोड़कर एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
जीतकर भिवंडी मनपा मेयर रह चुके अनुभवी नेता जावेद दलवी को भिवंडी शहर के विकास में अहम योगदान देने का भारी श्रेय जाता है। शिवसेना से तुषार चौधरी भी महापौर रह चुके हैं। भिवंडी मनपा के इतिहास में भाजपा का कोई महापौर नहीं बन सका। 2026 में भाजपा शिवसेना, सपा, भिवंडी विकास मंच पूर्व मेयर जावेद दलवी को जोड़कर एड़ी चोटी का जोर लगा रही है।
भिवंडी मनपा के करीब 25 वर्षों के इतिहास में महापौर के चुनाव में नगरसेवक संख्या बल, बहुमत के सम्मुख धनबल हमेशा हावी रहा है। 25 वर्षों बाद भी भिवंडीवासी मूलभूत समस्याओं से ही जूझ रहे है। भिवंडी मनपा महापौर के प्रथम चुनाव में कांग्रेस से सुरेश टावरे महापौर निर्वाचित हुए थे। महापौर के अन्य हुए चुनावों में कोणार्क विकास आघाड़ी से 4 सीट जीतने वाले करिश्माई नेता विलास आर पाटिल का ही ज्यादा दबदबा देखा गया है।
यह भी पढ़ें:- क्या BJP का महाराष्ट्र प्लान होगा फेल? अजित पवार के निधन से बदला सत्ता का गणित, एकनाथ शिंदे फिर होंगे पावरफुल!
पूर्व मेयर विलास आर पाटिल सहित उनकी धर्मपत्नी प्रतिभा विलास पाटिल 2 बार बेहद मैजिक तरीके से मनपा महापौर पद विभूषित कर इतिहास रच चुकी हैं। यशश्री राजन कडू भी कोणार्क विकास आघाड़ी मुखिया विलास आर पाटिल के दम पर महापौर होने का गौरव प्राप्त कर चुकी है। पूर्व मेयर विलास आर पाटिल को नगरसेवकों की अल्प संख्या बल को धनबल से बहुमत में बदलने का बड़ा जादूगर माना जाता है। भिवंडी मनपा इतिहास में कोणार्क विकास आघाड़ी मुखिया पाटिल नगरसेवकों को एकजुट कर महापौर बनने की कला में पारंगत माने जाते हैं।
– नवभारत लाइव के लिए ठाणे से गुरुप्रसाद सिंह की रिपोर्ट






