Bhiwandi Drain Cleaning Delay: भिवंडी में नाला सफाई ठप, टेंडर में देरी से बाढ़ का खतरा बढ़ा
Bhiwandi Drain Cleaning Delay Issue: भिवंडी में नाला और गटर सफाई का काम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। टेंडर प्रक्रिया में देरी और अंदरूनी विवादों के कारण मानसून में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
भिवंडी ड्रेन क्लीनिंग में देरी का मामला (सौ. सोशल मीडिया )
Bhiwandi Drain Cleaning Delay: राज्य सरकार के साफ़ निर्देश के बावजूद भिवंडी मनपा में नाला, गटर सफाई का कार्य जनप्रतिनिधियों की बंदरबांट और अंदरूनी झगड़ों की वजह से शुरू नहीं हो सका है।
अभी तक टेंडर का मुहूर्त नहीं हो पाया है। सफाई कार्य शुरू नहीं होने से भिवंडी शहर के निचले इलाकों में बारिश में बाढ़ आने का खतरा मंडराने लगा है।
गौरतलब हो कि प्रति साल की तरह इस साल भी नाले की सफ़ाई के कॉन्ट्रैक्ट देर से दिए जाने की संभावना है। इससे सफ़ाई का काम नाकाफ़ी होगा और शहर के निचले इलाकों में पानी भर जाएगा।
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लोगों की बार-बार शिकायत के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि खराब काम करने वाले सफाई ठेकेदार को दोबारा काम न दिया जाए, ब्लैकलिस्ट लिया जाये।
पिछले अनुभवों से नागरिक सशंकित
प्रशासनिक राज में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से नाले की सफाई का काम हुआ था। फिर भी, कई इलाकों में पानी भरने से नागरिकों को बहुत नुकसान हुआ। शहर के नागरिकों में इस बात को लेकर संशय है कि क्या इस साल भी काम समय पर और क्वालिटी के साथ होगा?
महापौर नारायण चौधरी ने कहा कि प्रशासनिक और महासभा की मंजूरी मिलते ही नाले की सफाई का काम तुरंत शुरू कर दिया जाएगा, नाला, गटर सफाई कामों की पुख्ता मॉनिटरिंग की जाएगी। मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की अलग टीम भी बनाई गई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि, ठेकेदार को बिल का पेमेंट तभी किया जाएगा, जब काम नियमानुसार और क्वालिटी के साथ पूरा होगा।
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कॉन्ट्रैक्ट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां हुईं तेज
महानगर पालिका ने इस साल सीवर और नाले की सफाई पर करीब 2 करोड़ 92 लाख 99 हजार 574 रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। हालांकि, टेंडर प्रोसेस के लिए अभी महासभा की फाइनल मंजूरी नहीं मिली है। इसके लिए 7 मई को आम सभा रखी गई है। कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए विधायक, महापौर और जनप्रतिनिधियों के ऑफिस में कॉन्ट्रैक्टरों की भीड़ लगी हुई है।
