कल्याण-डोंबिवली में गैस शवदाहिनियां ठप, गैस संकट से अंतिम संस्कार पर असर
Kalyan Dombivli Gas Crematorium: कल्याण-डोंबिवली में गैस की कमी के कारण कई श्मशानों की गैस शवदाहिनियां बंद हैं। इससे लोगों को पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कल्याण डोंबिवली गैस श्मशान घाट का मुद्दा (सौ. सोशल मीडिया )
Kalyan Dombivli Gas Crematorium Issue: खाड़ी युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखने लगा है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के चलते गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के श्मशान घाटों पर पड़ा है।
शहर के करीब 6-7 श्मशानों में पिछले डेढ़ महीने से गैस शवदाहिनियां बंद पड़ी हैं। वजह है, कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी। ऐसे में परिजनों को मजबूरन लकड़ी से अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी
गैस शवदाहिनी में अंतिम संस्कार कम समय और कम खर्च में होता है, लेकिन फिलहाल सिलेंडर न होने से लोगों को लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे समय भी ज्यादा लग रहा है और खर्च भी बढ़ रहा है। कई जगहों पर इसको लेकर परिजनों और श्मशान कर्मचारियों के बीच कहासुनी की भी घटनाएं सामने आई हैं।
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स्थायी समाधान की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि युद्धविराम के बाद भी अन्य जगहों पर गैस सप्लाई सामान्य हो चुकी है, लेकिन श्मशानों में अब भी कमी बनी हुई है, जो सवाल खड़े करती है।
फिलहाल गैस की कमी के चलते लोगों को पारंपरिक तरीके से अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। ऐसे में अब जरूरत इस बात की है कि श्मशानों में स्थायी गैस व्यवस्था जल्द से जल्द शुरू की जाए, ताकि लोगों को इस कठिन समय में और परेशानी न झेलनी पड़े।
अंतरराष्ट्रीय स्थिति के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। हमने राशन नियंत्रण विभाग से मासिक कोटे के अनुसार सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही श्मशानों में पीएनजी पाइपलाइन से गैस सप्लाई शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
– मनोज सांगले, डोंबिवली कार्यकारी अभियंता
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विठ्ठलवाड़ी श्मशान भूमि में महानगर गैस से व्यवस्था चल रही है। बाकी श्मशानों में भी पीएनजी कनेक्शन देने की कोशिश की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी न हो। – जगदीश कोरे, कल्याण के कार्यकारी अभियंता
