Thane: भिवंडी में FDA की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों का प्रतिबंधित तंबाकू, मैनेजर जेल में
Bhiwandi Sessions Court ने 19.45 करोड़ रुपये से अधिक के प्रतिबंधित तंबाकू जब्ती मामले में गिरफ्तार आरोपी अशरफ अली शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी एक निजी कंपनी का मुख्य प्रबंधक है।
- Written By: अपूर्वा नायक
भिवंडी सेशन कोर्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Bhiwandi News In Hindi: भिवंडी सत्र न्यायालय ने 19 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक के प्रतिबंधित तंबाकू जब्ती मामले में गिरफ्तार आरोपी अशरफ अली शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
अदालत ने मामले की गंभीरता और जनस्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया। यह मामला 30 दिसंबर 2025 का है, जब अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) के सुरक्षा अधिकारियों ने भिवंडी के नारपोली पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दापोडे गांव में स्थित मेसर्स हाई स्ट्रीट इम्पेक्स एलएलपी कंपनी के गोदाम पर छापा मारा था। इस दौरान भारी मात्रा में ‘अफजल’ ब्रांड का प्रतिबंधित तंबाकू बरामद किया गया।
मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
FDA द्वारा जब्त तंबाकू का रासायनिक विश्लेषण कराया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि यह सामग्री मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और राज्य में प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। इसके बाद मामले को गंभीर मानते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
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कंपनी मैनेजर की गिरफ्तारी
जांच के दौरान सामने आया कि कंपनी का संचालन और गोदाम की जिम्मेदारी अशरफ अली शेख के पास थी, जो कंपनी का मुख्य प्रबंधक है। पुलिस ने 31 दिसंबर 2025 को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
जमानत के लिए दिए गए तर्क
जमानत याचिका में आरोपी की ओर से यह दलील दी गई कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग है और जब्त किया गया माल प्रतिबंधित नहीं है। इसके समर्थन में उच्च न्यायालय के कुछ पुराने फैसलों का हवाला भी दिया गया।
सरकारी वकील का कड़ा विरोध
वहीं सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मामला सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा है और इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित तंबाकू का भंडारण एक गंभीर अपराध है। इससे समाज पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।
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अदालत का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद भिवंडी सत्र न्यायालय ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले को अवैध तंबाकू कारोबार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
