घर में इतनी गर्मी कि बाहर सोना पड़ रहा, खुले मैदान में रात गुजारते प्रवासी मजदूरों की तस्वीर
Migrant Labourers: भाईंदर पूर्व में खुले मैदान में रात बिताते प्रवासी मजदूरों का वीडियो सोशल मीडिया पर है जिसमें मजदूरों ने बताया कि घरों में अत्यधिक गर्मी और सीमित सुविधाओं की तस्वीरें दिख रही है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Open Air Sleeping (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Mumbai Housing Crisis: प्रवासी मजदूरों के रहने की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए जिसमें भाईंदर पूर्व के एक खुले मैदान में दर्जनों मजदूर रात के समय खुले आसमान के नीचे सोते दिखाई दे रहे हैं। इनमें से कई लोग प्लास्टिक की बोरियों को बिस्तर की तरह इस्तेमाल करते नजर आते हैं।
वीडियो बनाने वाले शख्स ने मजदूरों की स्थिति जानने के लिए उनमें से एक व्यक्ति को जगाकर पूछा कि वे घर के बजाय खुले मैदान में क्यों सो रहे हैं। इस पर मजदूर ने जवाब दिया, “घर पर बहुत गर्मी होती है, इसलिए यहां आकर सोते हैं।” उसने बताया कि मौजूदा गर्मी में घर के अंदर रहना मुश्किल हो गया है और खुले में सोना ज्यादा आरामदायक लगता है। मजदूर के मुताबिक, वह और उसके साथी करीब डेढ़ महीने से इसी तरह रातें गुजार रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका रोज का रूटीन तय है। वे सुबह करीब चार बजे उठते हैं, घर जाकर नहाते-धोते हैं, खाना खाते हैं और फिर काम पर निकल जाते हैं।
भाईंदर में खुले मैदान में सोते दिखे प्रवासी मजदूर
बातचीत के दौरान मजदूर ने बताया कि वह कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम करता है और उसे हर महीने लगभग 18 हजार रुपये वेतन मिलता है। उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस मजदूर ने मुंबई में जीवन यापन की चुनौतियों का भी जिक्र किया। उसने कहा, ” पैसे कमाना और मुंबई में रहना बहुत मुश्किल है।”
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वीडियो ने एक बार फिर महानगर में कम आय वाले प्रवासी मजदूरों की जीवन स्थितियों और आवास संबंधी समस्याओं को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। सीमित आय, महंगे किराए और भीड़भाड़ वाले कमरों के बीच कई मजदूर बेहतर नींद और गर्मी से राहत पाने के लिए खुले स्थानों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
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प्रवासी मजदूरों की हालत पर छिड़ी बहस
कुछ यूजर्स ने मजदूरों की परिस्थितियों पर सहानुभूति जताई, जबकि कुछ ने उनकी आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, “मुंबई में रहना इतना आसान नहीं है। आदमी कमाए, खाए, बच्चों को संभाले और रहने का इंतजाम भी करे, सब कुछ बहुत मुश्किल है। वहीं कुछ अन्य यूजर्स ने प्रवासी मजदूरों को लेकर नकारात्मक टिप्पणियां भी कीं। ऐसे में यह वीडियो मुंबई में बढ़ते माइग्रेशन, आवास की बढ़ती लागत और कम आय वर्ग के लोगों के जीवन स्तर को लेकर चल रही बहस को और तेज कर रहा है।
