आमसभा के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर अंबरनाथ नगरपालिका में झड़प

Ambernath Municipal Clash: अंबरनाथ नगर परिषद की आमसभा में महिला पार्षदों की कथित वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच तीखी झड़प हुई, जिससे शहर की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है।
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Ambernath municipal (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Ambernath Video Recording Controversy: गुरुवार को अंबरनाथ नगर परिषद की आम सभा में भाजपा और शिवसेना (शिंदे) के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया। शिवसेना ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि भाजपा के गुट नेता ने बैठक में मौजूद शिवसेना की महिला पार्षदों का अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया, जिसके चलते सभागृह तथा सदन के बाहर तीखी बहस छिड़ गई है।

बैठक के दौरान शिवसेना की महिला सदस्यों ने देखा कि नपा में भाजपा के गुटनेता अभिजीत करंजुले महिला पार्षदों की ओर मोबाइल कैमरा ताने वीडियो बना रहे थे। इससे नाराज होकर शिवसेना पार्षदों ने आक्रामक रुख अपनाया और इस मामले को लेकर नाराजगी दर्शाई। शिवसेना की पार्षद अर्पणा भोईर ने अभिजीत करंजुले पर हमला करते हुए कहा, सदन में अपनी बात रखते हुए इस तरह गुप्त रूप से वीडियो बनाना महिला प्रतिनिधियों और नपा सदन का अपमान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शायद यह कृत्य शिवसेना की महिला सदस्यों को बदनाम करने के इरादे से किया जा रहा है क्या।

इस मुद्दे को शिवसेना की महिला नगरसेविकाओं ने जताई नाराजगी

इस बीच भाजपा के नगरसेवक तथा गुटनेता अभिजीत करंजुले ने इन सभी आरोपों का खंडन करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सदन परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे है, पत्रकार तथा इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया कर्मी अपने कक्ष से रेकॉर्डिंग करते हैं । कोई बड़ी बात नहीं है, इसमें छुपाने वाली क्या बात है। उन्होंने शिवसेना के आरोपों को राजनीतिक हथकंडा बताया। उन्होंने यह भी आलोचना की कि इस तरह का हंगामा शहर के महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।

एजेंडे को लेकर जमकर तनातनी

जब से नपा में जनप्रतिनिधि चुनकर आए तथा नपा के नवनिर्मित सभागृह की आयोजित बैठकों में माइक्रोफोन बंद होने या अन्य तकनीकी समस्याओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले ही विवाद हो चुका है। विगत चार दिनों के भीतर आयोजित दो आमसभा में भाजपा तथा शिवसेना के बीच मीटिंग के एजेंडे को लेकर जमकर तनातनी देखने को मिली।अब जब महिला पार्षदों की वीडियो रिकॉर्डिंग का मुद्दा सामने आया है, तो यह स्पष्ट हो गया है कि अंबरनाथ की राजनीति में शिवसेना और भाजपा के बीच खाई और चौड़ी हो गई है। संकेत मिल रहे हैं कि इस मुद्दे का असर आने वाले दिनों में शहर की राजनीति पर पड़ेगा।

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