अंबरनाथ में 8 स्कूल अवैध घोषित, शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को किया सतर्क
Ambernath Illegal Schools News: शिक्षा विभाग ने 8 स्कूलों को अनधिकृत घोषित कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। अभिभावकों से बच्चों का प्रवेश लेने से पहले स्कूल की मान्यता जांचने की अपील की गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अंबरनाथ में अवैध स्कूल पर कार्रवाई (सौ. सोशल मीडिया )
Ambernath Illegal Schools Declared Unauthorized Action: अंबरनाथ तहसील के अंतर्गत चल रहे स्कूलों में से 8 स्कूलों को अवैध घोषित किया गया है, इन स्कूलों में प्रवेश न लेने की अपील शिक्षा विभाग ने की है।
वहीं गैरकानूनी तरीके से स्कूल चलाने को लेकर अंबरनाथ पंचायत समिति के शिक्षा विभाग की शिकायत पर अनधिकृत स्कूलों के संचालकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंचायत समिति के शिक्षा विभाग द्वारा अनधिकृत घोषित किए गए और जिनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, उनमें कुलगांव-बदलापुर स्थित अनिरुद्ध हाई स्कूल और जूनियर कॉलेज तथा श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल शामिल हैं।
कुल 8 अनधिकृत स्कूल
वही वांगणी में नवजीवन इंटरनेशनल स्कूल, आडवली भाल में तिसाई विद्यालय सेकेंडरी स्कूल, श्री स्वामी समर्थ विद्या मंदिर प्राइमरी स्कूल, श्री स्वामी समर्थ विद्या मंदिर सेकेंडरी स्कूल, वांगणी डोन में रुद्र इंटरनेशनल स्कूल और जुवेली में विहा इंटरनेशनल स्कूल सहित कुल 8 अनधिकृत स्कूल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
चर्चगेट से विरार तक रात में चलेगा विशेष टिकट चेकिंग अभियान, एसी लोकल भी रहेंगी निगरानी में
कसारा रूट पर दो दिन स्पेशल ब्लॉक, कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित
जयभीमनगर में दंपति पर हमला, विधायक जितेंद्र आव्हाड ने आरोपी को बताया कुख्यात गैंगस्टर
पालघर के सातपाटी में 350 करोड़ की मत्स्य बंदर परियोजना शुरू, मछुआरों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
ये भी पढ़ें :- चर्चगेट से विरार तक रात में चलेगा विशेष टिकट चेकिंग अभियान, एसी लोकल भी रहेंगी निगरानी में
बिना किसी रोक-टोक चल रहे हैं अवैध विद्यालय
- समूह शिक्षा अधिकारी डॉ। विशाल पोतेकर ने बताया कि संबंधित विद्यालयों को समय-समय पर नोटिस जारी किए गए हैं और उनके खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए हैं।
- उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस जारी होने के बावजूद आवश्यक कार्रवाई न किए जाने पर अंततः संबंधित विद्यालयों को अनधिकृत घोषित कर दिया गया।
- इस बीच सूत्रों से पता चल रहा है कि राजनीतिक सत्ता के बल पर कुछ अनधिकृत स्कूल बिना किसी रोक-टोक के चल रहे हैं।
- इससे अभिभावकों के लिए अपने बच्चों के भविष्य पर विचार करना और प्रवेश से पहले स्कूल की आधिकारिक मान्यता की जांच करना जाता है।
