शिक्षा विभाग सख्त, नागपुर में शिक्षक समायोजन तेज; 30 अप्रैल तक रिलीविंग के आदेश

Nagpur Teacher Adjustment: नागपुर में अतिरिक्त शिक्षकों और कर्मचारियों के समायोजन की प्रक्रिया तेज हुई है, 30 अप्रैल तक उन्हें मूल स्कूल से कार्यमुक्त कर नए स्कूल में जॉइन करना अनिवार्य किया गया है।
Education Department Takes Strict Stance: Teacher Adjustment Accelerated in Nagpur; Relieving Orders Issued by April 30
नागपुर शिक्षक समायोजन,(सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur School Staff Transfer: नागपुर जिले में अतिरिक्त शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों के समायोजन की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि संबंधित कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक मूल स्कूल से कार्यमुक्त किया जाए और उन्हें नये स्कूल में जॉइन करना अनिवार्य होगा। यह कार्यवाही शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) अनिल दहीफले के निर्देश पर की जा रही है।

जिले की निजी अनुदानित और आंशिक अनुदानित माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों के अतिरिक्त शिक्षकों का समायोजन 16, 17 और 20 अप्रैल को सेंट उर्सुला हाईस्कूल में काउंसिलिंग के माध्यम से किया गया था।

इस दौरान शिक्षकों को रिक्त पदों के अनुसार विभिन्न स्कूलों में स्थानांतरित किया गया। शुरुआती आदेश में इन्हें अस्थायी रूप से रिलीव न करने की बात कही गई थी लेकिन अब अंतिम निर्णय लेते हुए नई स्कूल में जॉइनिंग के लिए कार्यमुक्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

अनुपस्थित शिक्षकों के लिए अलग आदेश

समुपदेशन प्रक्रिया में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के लिए अलग से आदेश जारी किए गए हैं। संबंधित स्कूलों के मुख्याध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे ये आदेश तत्काल शिक्षा विभाग से प्राप्त करें। इस फैसले से उन स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध होंगे जहां कमी है, वहीं अतिरिक्त शिक्षकों की समस्या भी कम होगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इससे जिले में शिक्षा व्यवस्था अधिक संतुलित और सुचारु होगी।

कोर्ट के आदेश के तहत कुछ को छूट

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि याचिका क्रमांक 3186/2025 के तहत न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित याचिकाकर्ताओं को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। अन्य सभी शिक्षकों को तय समयसीमा में नई जगह जॉइन करना होगा।

आदेश के अनुसार सभी शिक्षक 1 मई से नये स्कूल में हाजिर होकर जनगणना और बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) कार्य जारी रखेंगे। यदि कोई शिक्षक इन कार्यों में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।